
रानीगंज। ईसीएल के सातग्राम श्रीपुर क्षेत्र अंतर्गत मॉडर्न सातग्राम की जेमेहारी कोलियरी के पीट नंबर-4 में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब डोली के माध्यम से खदान में उतर रहे दो पंप कर्मचारी गाइड रोप टूटने के कारण बीच रास्ते में ही फंस गए। घटना के बाद खदान क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रबंधन द्वारा तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया और करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान दोनों मजदूरों की जान जोखिम में बनी रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेमेहारी कोलियरी में कार्यरत दो पंप कर्मचारी नियमित कार्य के लिए बंद पीट के अंदर उतर रहे थे। इसी दौरान अचानक गाइड रोप टूट गई, जिससे डोली (लिफ्टनुमा व्यवस्था) बीच रास्ते में ही अटक गई और दोनों कर्मचारी अंधेरी सुरंग में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही ईसीएल प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि फंसे कर्मचारियों को निकालने के लिए दो अन्य साहसी कर्मचारियों को भी पीट के अंदर उतारा गया। करीब पांच घंटे तक चले इस कठिन और जोखिमपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों कर्मचारियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस घटना को लेकर श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी के नेता सुखमय पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “बंद पीट में कर्मचारियों को भेजना पूरी तरह से गलत है और यह सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। गाइड रोप का टूटना यह दर्शाता है कि उपकरणों के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है। आज एक बड़ा हादसा हो सकता था, जिसमें किसी की जान भी जा सकती थी। यह पूरी तरह से प्रबंधन की लापरवाही और मनमानी का परिणाम है।”वहीं, जब इस पूरे मामले में प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए एजेंट संदीप कुंडू से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने इस विषय पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। प्रबंधन की इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि समय रहते किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जरूर पैदा कर दी हैं।
