कोलकाता, 27 फरवरी । पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रस्तावित ‘परिवर्तन यात्रा’ को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सशर्त अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष की एकल पीठ ने आगामी एक से तीन मार्च तक यात्रा निकालने की इजाजत दी है, हालांकि स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थान पर एक हजार से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र नहीं हो सकेगी। अदालत ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है।
भाजपा की इस परिवर्तन यात्रा में केंद्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री बंगाल पहुंचने वाले हैं। राज्य में पार्टी के कुल 10 संगठनात्मक विभाग हैं, जिनमें से नौ में यात्रा आयोजित की जाएगी। केवल कोलकाता महानगर संगठनात्मक विभाग में यात्रा नहीं होगी, क्योंकि 14 मार्च को ब्रिगेड मैदान में प्रस्तावित समापन रैली की जिम्मेदारी उसी विभाग को सौंपी गई है।
कार्यक्रम के अनुसार एक मार्च को कूचबिहार, कृष्णनगर, कुल्टी और गड़बेता से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत होगी। दो मार्च को इस्लामपुर, हासन, संदेशखाली और आमता में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। प्रारंभिक योजना के मुताबिक एक मार्च को दक्षिण 24 परगना के रायदीघी से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यात्रा का शुभारंभ करना था, लेकिन अंतिम समय में उनके दौरे में बदलाव किया गया है। अब संभावना है कि वह दो मार्च को रायदीघी से यात्रा की शुरुआत करें।
उल्लेखनीय है कि, 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने राज्य में ‘जोड़ो मेला’ (योगदान मेला) का आयोजन किया था, जिसमें अन्य दलों, तृणमूल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इस बार उस तरह का कोई विशेष सदस्यता अभियान घोषित नहीं किया गया है, बल्कि परिवर्तन यात्रा के माध्यम से संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन पर जोर दिया जा रहा है।
यात्रा के समापन के अवसर पर 14 मार्च को ब्रिगेड मैदान में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी घोषणा की गई है। परिवर्तन यात्रा के मद्देनजर आगामी दिनों में भाजपा के कई केंद्रीय नेताओं के पश्चिम बंगाल दौरे की संभावना है। अमित शाह के कार्यक्रम में परिवर्तन के अलावा फिलहाल अन्य किसी नेता के दौरे में बदलाव की सूचना नहीं है।
