दक्षिण दिनाजपुर, 18 फरवरी । एक और चिकित्सकों की कमी और मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति को लेकर शिकायतें, तो दूसरी ओर सेवा गुणवत्ता के आधार पर बड़ी उपलब्धि। सभी चुनौतियों को पार करते हुए बालुरघाट जिला अस्पताल ने केंद्र सरकार की ‘कायाकल्प अवार्ड 2026’ योजना में राज्य में लगातार चौथी बार पहला स्थान हासिल किया है। अस्पताल को 96 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) हर वर्ष अस्पतालों का मूल्यांकन स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी सहित कुल आठ मानकों पर करता है।
वर्ष 2025-26 की सूची में बालुरघाट जिला अस्पताल को प्रथम स्थान मिला है। वहीं सिलीगुड़ी जिला अस्पताल को पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है। कोलकाता और अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों को पीछे छोड़ते हुए इस सीमावर्ती जिले की सफलता ने स्वास्थ्य जगत का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि लगातार चार बार प्रथम आने के बावजूद अस्पताल प्रशासन के मन में कुछ मलाल भी है। इसकी वजह है कि पिछले वर्ष सिउड़ी अस्पताल के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान मिलने के बावजूद 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि इस वर्ष 50 लाख रुपये की नई राशि स्वीकृत होने से अस्पताल के बुनियादी ढांचे और मरीज सेवाओं के विकास में इसका उपयोग किया जाएगा।
अस्पताल के अधीक्षक कृष्णेंदु विकास बाग ने कहा कि कई कमियों और सीमाओं के बावजूद हम बेहतर सेवा देने का प्रयास कर रहे हैं। यह सम्मान हमारी जिम्मेदारी को और बढ़ाता है।
वहीं, स्थानीय निवासी अपूर्व साहा का कहना है कि अस्पताल के खिलाफ दुर्व्यवहार या रेफर की शिकायतें जरूर है, लेकिन एक सीमावर्ती जिले के लिए यह उपलब्धि गर्व की बात है।
