
कोलकाता, 16 फ़रवरी । बजट अधिवेशन के दौरान एक तृणमूल कांग्रेस पार्षद की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कोलकाता नगर निगम का सदन गरमा गया। इस घटना के बाद निगम के भीतर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को निगम में बजट सत्र चल रहा था। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस पार्षद तारक सिंह सिरीटी महाश्मशान से जुड़े मुद्दे पर जवाबी भाषण दे रहे थे। उसी समय भाजपा की वरिष्ठ महिला पार्षद मीना देवी पुरोहित ने श्मशान के आसपास पार्किंग की समस्या को लेकर सवाल उठाया।
इसी बहस के दौरान, मीना देवी के पीछे बैठे तृणमूल पार्षद महेश शर्मा पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा। आरोप है कि उन्होंने कहा कि “मीना देवी पुरोहित को अभी श्मशान भेज देना चाहिए।” इस टिप्पणी के बाद भाजपा पार्षदों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया और सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को संभालने के लिए निगम की चेयरपर्सन माला राय को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस तरह की टिप्पणी का समर्थन नहीं करतीं और इस प्रकार के बयान असंवैधानिक हैं।
भाजपा पार्षद मीना देवी पुरोहित ने कहा कि तृणमूल पार्षद ने एक महिला के प्रति बेहद अशोभनीय टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “मैं जीवित हूं, कोई मृत व्यक्ति ही श्मशान जाता है। एक महिला का इस तरह अपमान किया गया है, इसके लिए माफी मांगी जानी चाहिए।”
भाजपा नेता सजल घोष ने भी इस टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह अत्यंत निम्न स्तर की मानसिकता को दर्शाता है। वहीं, आरोपों पर सफाई देते हुए महेश शर्मा ने कहा कि उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है और उन्होंने किसी की मृत्यु की कामना नहीं की है।
इस घटना के बाद निगम की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
