
कोलकाता, 06 फ़रवरी । कोलकाता में शुक्रवार को सैकड़ों आशाकर्मी पश्चिम बंगाल के अंतरिम बजट में घोषित एक हजार रुपये की मानदेय बढ़ोतरी से नाराज़ होकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी आशाकर्मियों ने साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन, राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय के बाहर अचानक धरना दिया और न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए विधाननगर पुलिस ने स्वास्थ्य भवन की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया।
एक प्रदर्शनकारी आशाकर्मी ने कहा, “जब हमें पहले से ही कम मानदेय मिलता है, तो सिर्फ हजार रुपये की बढ़ोतरी से क्या होगा? हम कम से कम 15 हजार रुपये प्रति माह मानदेय की मांग कर रहे हैं।” एक अन्य आशाकर्मी ने बताया कि 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य के स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात कर अपनी मांगें दोहराने वाला है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भी आशाकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर कोलकाता के एस्प्लेनेड और साल्ट लेक के प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया था, जब पुलिस ने उन्हें स्वास्थ्य भवन की ओर मार्च करने से रोक दिया था। इससे पहले 8 जनवरी और 12 जनवरी को भी आशाकर्मियों ने स्वास्थ्य भवन के बाहर प्रदर्शन कर वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात की मांग की थी।
आशाकर्मियों की प्रमुख मांगों में प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन के बजाय निश्चित मासिक वेतन तय करना और मातृ एवं शिशु देखभाल के अलावा अन्य कार्यों में न लगाए जाने की मांग शामिल है।
गुरुवार को राज्य सरकार ने आशाकर्मियों के मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिसके बाद उनका मासिक मानदेय 6,250 रुपये हो गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने सेवा के दौरान मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि और मातृत्व अवकाश की भी घोषणा की है।
