
वेतन और अधिकारों की लड़ाई में सफाई कर्मी सड़कों पर
आसनसोल। आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मियों का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर फूट पड़ा। वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने सुबह से ही नगर निगम कार्यालय का घेराव कर जोरदार और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे निगम का पूरा प्रशासनिक तंत्र ठहर सा गया।
सफाई कर्मियों का साफ कहना है कि 9,000 रुपये की मामूली तनख्वाह में परिवार चलाना असंभव हो चुका है। उन्होंने मांग की कि उनका मासिक वेतन न्यूनतम 15 से 20 हजार रुपये किया जाए। इसके साथ ही पीएफ का बकाया भुगतान, ईएसआई सुविधा, स्थायी पहचान पत्र और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तत्काल लागू की जाएं।
आंदोलन के चलते सफाई कर्मियों ने काम बंद कर दिया, जिसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा। पूरे आसनसोल में सड़कों, गलियों और बाजारों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी और स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

इधर, नगर निगम के एमआईसी गुरदास चटर्जी ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर मेयर के साथ लगातार बातचीत जारी है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ सफाई कर्मियों के पास पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं होने से तकनीकी बाधाएं सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन समाधान की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है।
प्रशासन का दावा है कि स्थिति को जल्द नियंत्रित कर शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे, वहीं सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
