
श्री श्याम मंदिर के द्वितीय स्थापना दिवस पर ऐतिहासिक निशान यात्रा, शहर बना श्याममय
रानीगंज। श्री श्याम मंदिर, रानीगंज के द्वितीय स्थापना दिवस ने गुरुवार को पूरे शहर को भक्ति, श्रद्धा और उत्सव के अद्भुत संगम में डुबो दिया। श्याम बाल मंडल के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव का शुभारंभ एक अलौकिक, रंगारंग और ऐतिहासिक निशान यात्रा के साथ हुआ, जिसने रानीगंज को श्याम धाम का स्वरूप दे दिया।
हाथों में रंग-बिरंगे निशान, होठों पर श्याम नाम, और हृदय में अटूट आस्था लिए हजारों श्याम भक्त भजन-कीर्तन करते हुए नगर भ्रमण पर निकले। “जय श्री श्याम” और “हारे के सहारे” के गगनभेदी जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हर गली, हर चौराहा, हर दिशा स्वयं श्याम प्रभु का जयघोष कर रही हो।
निशान यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की अपार भागीदारी ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। भक्तों के चेहरों पर छलकती श्रद्धा, उल्लास और भक्ति यह आभास करा रही थी कि श्याम प्रभु स्वयं अपने भक्तों के संग नगर परिक्रमा कर रहे हैं। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्य अनुभूति से भर उठा।

श्याम बाल मंडल द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान रानीगंज को पूर्णतः भक्ति भावना से ओत-प्रोत कर देगा। महोत्सव के दौरान भव्य भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान एवं विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें न केवल रानीगंज बल्कि आसपास के शहरों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
राजस्थानी समाज के प्रख्यात समाजसेवी अनूप सराफ ने कहा कि रानीगंज का श्री श्याम मंदिर स्थापना के साथ ही सम्पूर्ण भारत के श्याम भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां दर्शन कर भक्त स्वयं को धन्य और कृतार्थ अनुभव करते हैं। आज यह मंदिर सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का सशक्त केंद्र बन चुका है, जहां वर्ष भर धार्मिक गतिविधियाँ निरंतर होती रहती हैं।
उन्होंने श्याम मंदिर चेरिटेबल ट्रस्ट के सभी सदस्यों और कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम, समर्पण और सेवा भाव से वर्षों पुराना यह सपना साकार हो सका है।

इस पावन अवसर पर मंदिर ट्रस्टी पवन केजरीवाल, विमल सराफ, विष्णु सराफ, मनोज ओझा, विनोद बंसल, सत्यनारायण अग्रवाल, साबरमल सिंघानिया, बबलू जगनानी, संदीप शर्मा, दीपक झुनझुनवाला, बबलू सिंह, विकास मारोदिया सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
