आसनसोल, 23 जनवरी ।आसनसोल नगर निगम के पूर्व में जितेंद्र तिवारी ने शुक्रवार आसनसोल के रविंद्र भवन परिसर में बने आजाद हिंद फौज के शहीदों की याद में बने स्मारक में श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
इस मौके पर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि आजाद हिंद फौज के शहीदों की याद में जो स्मारक सिंगापुर में बनाया गया था। उसे अंग्रेजों द्वारा तोड़ दिया गया था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजाद भारत के एक छोटे से हिस्से के ही सही लेकिन भारत के सदस्य का पहला प्रधानमंत्री माना जाता है। इसलिए 2017 में जब वह मेयर थे तब नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनुयायियों के अनुरोध पर आजाद हिंद फौज के उस स्मारक के तर्ज पर रविंद्र भवन परिसर में एक स्मारक बनाया गया था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है लेकिन उन्हें शुक्रवार सुबह 11:00 बजे के आसपास पता चला कि प्रशासन की तरफ से कोई भी इस स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए नहीं आया है, इसलिए वह यहां पर आए हैं और उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस तथा आजाद हिंद फौज के उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि इस स्मारक में आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री माने जाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के मंत्रीमंडल के उन सदस्यों के नाम भी अंकित हैं, जो उसे मंत्रीमंडल का हिस्सा हुआ करते थे। लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि वर्तमान प्रशासन के पास समय नहीं है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारी को यहां आकर श्रद्धांजलि दे सके।
जितेंद्र तिवारी ने कहा कि वह वर्तमान प्रशासन की आलोचना नहीं करना चाहते। लेकिन उनसे अनुरोध जरूर करना चाहते हैं कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान सपूतों को सम्मान देना जरूरी है।
