
पश्चिम मेदिनीपुर, 09 जनवरी । जिले में भूमि एवं भूमि सुधार विभाग ने बालू तस्करी के एक बड़े गिरोह को ध्वस्त करते हुए गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने लगातार विशेष अभियान चलाकर दांतन इलाके से बालू लदे 20 वाहनों को जब्त किया है। प्रत्येक वाहन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि तस्करों ने सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया था। नियमों के अनुसार, दांतन से पांसकुड़ा तक बालू ले जाने के लिए 12 घंटे का समय मिलता है। तस्कर इसी ‘कैरिंग ऑर्डर’ (सीओ) का लाभ उठाकर बालू को पांसकुड़ा ले जाने के बजाय रास्ते में ही बेलदा, नारायणगढ़ और मनोहरपुर जैसे बाजारों में उतार देते थे। कम समय में माल खाली होने के कारण वे उसी वैध कागजात पर दोबारा खदान से बालू भरकर परिवहन करते थे। इससे एक ही चालान पर कई बार बालू की निकासी की जा रही थी।
गुरुवार को भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने सुवर्णरेखा नदी के किनारे स्थित दांतन-एक ब्लॉक की खदानों का भी निरीक्षण किया। खड़गपुर की एसडीओ सुरभि सिंगला और भूमि सुधार अधिकारी अभिजीत भुइयां ने पाया कि खदानों से जारी अधिकांश चालान पांसकुड़ा के लिए थे।
अधिकारियों को संदेह है कि इस पूरे खेल में खदान मालिकों की भी मिलीभगत है। विभाग अब इन खदान मालिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य और जिला प्रशासन को पत्र लिखने की तैयारी कर रहा है।
तस्कर अब भारी वाहनों के स्थान पर ट्रैक्टरों का उपयोग अधिक कर रहे हैं, क्योंकि ये ग्रामीण रास्तों से आसानी से निकल जाते हैं। पकड़े गए वाहनों में कई बिना नंबर प्लेट के भी मिले हैं। विभाग के अनुसार, 100 सीएफटी के चालान पर 150 सीएफटी तक बालू लादकर ओवरलोडिंग भी की जा रही थी।
महकमा भूमि एवं भूमि सुधार अधिकारी अभिजीत भुइयां ने कहा कि पकड़े गए वाहनों पर कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जब तक यह राशि सरकारी कोष में जमा नहीं होती, तब तक इन वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध बालू उत्खनन और तस्करी रोकने के लिए आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा।
