
जामुड़िया। अंग्रेजी नव वर्ष के प्रथम पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि सद्गुरु सदाफल देव आश्रम निंघा में तीन कुंडीय विश्व शांति वैदिक हवन यज्ञ, सत्संग, प्रवचन तथा भंडारा का वृहद आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गान एवं मंगल गान के साथ हुई। इसके पश्चात भजन, प्रवचन हवन यज्ञ आरती शांति पाठ तथा भंडारा आयोजित हुआ। आश्रम के पुरोहित पारसनाथ मंडल, गोपाल मंडल एवं दयानंद साहू ने पूरे विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विश्व शांति वैदिक हवन यज्ञ संपन्न कराया। इस दौरान प्रचारक आलोक साहा ने बताया कि अंग्रेजी नव वर्ष 2026 के प्रथम पूर्णिमा के अवसर पर मासिक कार्यक्रम के तहत आज आश्रम परिसर में तीन कुंडीय विश्व शांति वैदिक हवन यज्ञ, भजन, प्रवचन भंडारा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पश्चिम बर्दवान के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 300 से अधिक उपस्थित हुए। उन्होंने विश्व शांति वैदिक हवन यज्ञ के विषय में बताया कि विश्व शांति वैदिक हवन यज्ञ करने एवं उसमें शामिल होने से पर्यावरण शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा का संचार, मानसिक शांति, रोगों से मुक्ति और दैवीय कृपा मिलती है जो यज्ञ की अग्नि और मंत्रों के माध्यम से वातावरण को शुद्ध करते हैं, नकारात्मकता को दूर करते हैं, और व्यक्ति तथा ब्रह्मांड में संतुलन स्थापित करते हैं, जिससे सुख-समृद्धि व आत्मिक उन्नति होती है। विहंगम योग संस्थान द्वारा विभिन्न आश्रमों में विश्व शांति वैदिक हवन यज्ञ का आयोजन पूर्णिमा के दिन होता है। विहंगम योग संस्थान का मुख्य उद्देश्य अपनी प्राचीन और शक्तिशाली ध्यान तकनीक (जो मात्र 15 मिनट में तनाव, चिंता, क्रोध से मुक्ति दिलाती है) के माध्यम से व्यक्ति के आध्यात्मिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक उत्थान करना है, जिसमें आत्म-ज्ञान, चेतना का विकास, एकाग्रता में वृद्धि और जीवन कौशल सिखाना शामिल है, साथ ही समाज सेवा के माध्यम से नशामुक्ति और जरूरतमंदों की मदद करना भी इनके प्रमुख लक्ष्यों में से है।
