
कोलकाता, 01 जनवरी । नया साल शुरू हो गया है और इस साल पश्चिम बंगाल के लिए बेहद खास होने वाला है क्योंकि विधानसभा चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अब पूरी ताकत झोंकने का संकेत दे दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय बंगाल दौरा पूरा कर नव वर्ष की पूर्व संध्या पर दिल्ली लौट चुके हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने राज्य भर के पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं और संगठन की तैयारियों की गहन समीक्षा की।
अमित शाह की बैठकों का दायरा केवल पार्टी तक सीमित नहीं रहा। विचार परिवार से जुड़े संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ भी महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी खास तौर पर शामिल रहे। लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग स्तर के नेताओं के साथ हुई बैठकों को आगामी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
इन बैठकों के बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने राज्यभर के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेहद कड़ा और भावनात्मक संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर इस बार भाजपा सत्ता में नहीं आती है, तो बंगाल में पार्टी का पार्टी करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने इसे संगठन के लिए आखिरी और निर्णायक समय बताया।
शमिक भट्टाचार्य ने पार्टी के लगभग आठ दशक पुराने इतिहास को याद करते हुए कहा कि बंगाल में तपन सिकदार से लेकर गुणमान चटर्जी तक और राहुल सिन्हा से लेकर दिलीप घोष तक कई ऐसे नेता रहे हैं, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया। उन्हें यह पता था कि जीत आसान नहीं है, फिर भी उन्होंने एक विचार और सिद्धांत के साथ संघर्ष जारी रखा। भट्टाचार्य ने कहा कि आज के कार्यकर्ताओं को उसी समर्पण और त्याग की भावना के साथ मैदान में उतरना होगा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में उद्योग-धंधे बंद हो चुके हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। तुष्टिकरण की राजनीति के कारण राज्य के मूल निवासियों के अधिकार छिनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता बदलाव चाहती है और अब सवाल यह है कि भाजपा उस भरोसे पर कितनी मजबूती से खड़ी उतरती है।
शमिक भट्टाचार्य ने बांग्लादेश से सटे मुर्शिदाबाद क्षेत्र का जिक्र करते हुए हिंदुओं पर हो रही हिंसा और हत्याओं की बात भी उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक बंगाल में भाजपा की सत्ता नहीं आएगी, तब तक देश की जीत अधूरी रहेगी। बंगाल केवल एक राज्य नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति की दिशा तय करने वाला क्षेत्र है। 2026 में ममता बनर्जी की सरकार का पतन अवश्यमभावी है और भाजपा सरकार बनाएगी यह तय है।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि अब किसी भी तरह की ढिलाई की गुंजाइश नहीं है। पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतरकर लड़ाई में जुटना होगा। यही आखिरी मौका है और यही निर्णायक समय भी।
