
दुर्गापुर। दुर्गापुर में क्रिसमस के मौके पर एक बिल्कुल अलग और भावुक करने वाली तस्वीर देखने को मिली। जहां राज्य के मंत्री प्रदीप मजूमदार बिना किसी प्रचार या औपचारिकता के सांता क्लॉज़ की पोशाक पहनकर आम लोगों के बीच घुल-मिल गए। सुबह होते ही वे दुर्गापुर की तालतला झुग्गी बस्ती पहुँचे। कंधे पर झोला, चेहरे पर सच्ची मुस्कान—मानो किसी कहानी के सांता क्लॉज़ हों। मंत्री की पहचान छिपाकर उन्होंने एक-एक कर बच्चों को खिलौने, चॉकलेट, खाना और तरह-तरह के उपहार बाँटे। अचानक मिले इन तोहफों से बच्चे खुशी से झूम उठे। किसी की आँखों में हैरानी थी, किसी के चेहरे पर मुस्कान, तो कोई खुशी से चिल्ला उठा। क्रिसमस की सुबह तालतला बस्ती की गलियों में उत्सव की रौनक और प्यार की गर्माहट फैल गई। यह मानवीय पहल केवल उपहार बाँटने तक सीमित नहीं रही। मंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनकी पढ़ाई और सपनों के बारे में जाना। क्रिसमस के दिन उनकी यह शांत और निःशब्द मौजूदगी यह याद दिलाती है कि त्योहारों का असली मतलब सिर्फ सजावट और रोशनी नहीं, बल्कि लोगों के साथ खड़े होने में है। गुरुवार को क्रिसमस के मौके पर प्रदीप मजूमदार की यह पहल दुर्गापुर वासियों के लिए एक खास संदेश बन गई—कि करुणा और प्रेम ही समाज को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी ताकत है।
