
कोलकाता, 24 दिसंबर । पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सी. वी. आनंद बोस ने बुधवार को जादवपुर विश्वविद्यालय को “पश्चिम बंगाल का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय” बताते हुए कहा कि आने वाले समय में यह देश का भी सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय बनेगा।
विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य भाषण देते हुए राज्यपाल बोस ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय अपने छात्रों और शिक्षकों की अकादमिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है और कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य के नेतृत्व में यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा, “जादवपुर विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय है। जिस तरह यहां के छात्र, शोधार्थी और शिक्षक अकादमिक व शोध कार्यों में लगे हैं, उससे यह निकट भविष्य में देश का भी सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय बनेगा। विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के पीछे उसके शिक्षकों की बड़ी भूमिका है।”
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया भर में ख्याति प्राप्त कई वैज्ञानिक जादवपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।
इस अवसर पर बोस ने विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न हितधारकों के लिए ‘एक्सीलेंस अवॉर्ड’ शुरू करने की भी घोषणा की। यह पुरस्कार उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए दिए जाएंगे।सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र (पुरुष और महिला), सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर छात्र (पुरुष और महिला), सर्वश्रेष्ठ शिक्षण कर्मचारी, सर्वश्रेष्ठ गैर-शिक्षण कर्मचारी को सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार के साथ 25,000 रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी दी जाएगी।
पूर्व एआईसीटीई अध्यक्ष टी. जी. सीथाराम ने जादवपुर विश्वविद्यालय को भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय देश का एक बड़ा टैलेंट पूल है।
कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमेशा अपने मूल सिद्धांतों को बनाए रखा है, जहां शिक्षा को समावेशी, मानवीय और सामाजिक रूप से जिम्मेदार माना गया है।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा,-“असमानता, पर्यावरण संकट, गलत सूचना और संघर्ष से भरी दुनिया में आपकी शिक्षा एक नैतिक मार्गदर्शक होनी चाहिए।”
दीक्षांत समारोह में कुल 2 हजार 112 स्नातक, 2 हजार 4 स्नातकोत्तर छात्रों और 370 शोधार्थियों को पीएच.डी की उपाधियां प्रदान की गईं।
