बंगाल की धरती पर गूंजे राजस्थानी लोक गीत

कोलकाता 12 जनवरी। भारतीय भाषा परिषद् के लघु सभागार में भारत जैन महामंडल लेडिज विंग द्वारा राजस्थानी लोक गीतों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत जैन महिला मंडल द्वारा आयोजित राजस्थानी लोक गीतों की गंगा ऐसी बही,लगा कि बंगाल की धरती पर राजस्थान उतर आया हो।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में राजस्थान सूचना केंद्र के निदेशक श्री हिंगलाज दान रतनू, ताजा टी वी के निदेशक श्री विश्वंभर नेवर, साहित्य प्रेमी दुर्गा व्यास, प्रो. डा. वसुंधरा मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावे खास उपस्थिति में शामिल थे – पश्चिमबंग हिन्दी अकादमी के सदस्य रावेल पुष्प, राजश्री शुक्ला बांग्ला लेखिका बेबी कारफरमा।

उपस्थित सभी अतिथियों ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा का जिक्र किया और भाषा के अधिकाधिक प्रयोग की बात कही,क्योंकि उपयोग में न आने के कारण दुनिया की कई भाषाएं विलुप्त हो रही हैं।अंजू सेठिया के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में मृदुला कोठारी,इंदु चांडक, संजु कोठारी,शशि कंकानी अतिथि महिला कलाकारों ने अपने कई परंपरागत हिचकी, बंगड़ी,प्रेम, विरह और श्रृंगार के लोकगीतों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और जोरदार रंग जमाया।

भारत जैन महिला मंडल की बहनों सुमित्रा सेठिया,मंजु छाजेङ, चंदा प्रह्लादका, सुप्यार पुगलिया,मीना सोनी ने भी खुबसूरत राजस्थानी गीत प्रस्तुत किए।

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