सीबीआइ ने की आसनसोल व धनबाद में छापेमारी, सेवानिवृत्त वरीय लिपिक गोविंद का घर सील

कोलकाता:कोयला खान भविष्य निधि संगठन में ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड (ईसीएल) में मुगमा एरिया के बैजना, चापापुर प्रोजेक्ट के 12 कर्मचारियों के पीएफ खाते से 1.15 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी के मामले में कोलकाता सीबीआइ की टीम सक्रिय हो गई है। इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की जा गई है जिसका नेतृत्व सीबीआइ अधिकारी एमके सिंह और एसबी कुंडू कर रहे हैं। इसी क्रम में सीबीआइ ने शुक्रवार और शनिवार को आसनसोल व धनबाद में सीएमपीएफ के कई अधिकारी व कर्मचारियों के यहां छापेमारी की थी। रविवार को जांच एजेंसी से जारी बयान में इस बारे में जानकारी दी गई है। टीम ने आसनसोल सीएमपीएफ कार्यालय के सेवानिवृत्त वरीय लिपिक गोविंद श्रीवास्तव, वर्तमान में कार्यतर वरीय लिपिक व इस मामले में आरोपित सेवानिवृत्त रमेंद्र भट्टाचार्य के आवास पर व अंजली मिश्रा, विश्वजीत मुखर्जी से कार्यालय व घरों में छापेमारी की व इन सभी से पूछताछ की। सीएमपीएफ धनबाद मुख्यालय में आसनसोल से तबादला होकर आए आरोपित रीजनल आयुक्त राजू प्रसाद से भी टीम ने पूछताछ की। सीबीआइ टीम ने गोविद श्रीवास्तव के आसनसोल बांकीडांगा स्थित आवास को सील भी कर दिया है। टीम को इस दौरान कई साक्ष्य भी मिले हैं। सीएमपीएफ के विजिलेंस अफसर राजेंद्र अग्रवाल ने इस मामले को पकड़ा था। ईसीएल के धनबाद चापापुर प्रोजेक्ट में फर्जी कागजात के जरिए 12 कर्मचारियों के खाते से 1.15 करोड़ रुपये की निकासी कर ली गई थी। इसके बाद सीबीआइ ने 19 अक्टूबर 2020 को सीवीसी की अनुशंसा पर मामला दर्ज किया था।
सीबीआइ टीम जब गोविंद श्रीवास्तव के घर छापेमारी करने पहुंची तो घर देखकर दंग रह गई। छापेमारी के दौरान घर में कोई नहीं था। घर में किसी को नहीं पाकर अधिकारियों ने स्थानीय दो लोगों को गवाह के तौर पर खड़ाकर घर को सील कर दिया। इसके बाद घर के बाहर एक नोटिस चिपका दिया। आसपास के लोगों से कहा गया कि घर पर किसी के आने पर टीम को सूचना दी जाए। इस घोटाले के समय गोविंद सीएमपीडीआई कार्यालय में कार्यरत हैं।
सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस रिपोर्ट के बाद कोयला मंत्रालय ने निकासी की गई राशि को आरोपितों से वसूली करने का आदेश दिया था, लेकिन राशि की वसूली अब तक नहीं की जा सकी। विभागीय स्तर पर कार्रवाई के नाम पर अंजली मिश्रा का डिमोशन किया गया।
मुगमा एरिया के चापापुर कोलियरी के जानेश्वर मांझी, सुबोध मांझी, सोनामुनी मंझियान, फुलमनी मंझियान, जेठा, लखन मांझी व बैजना कोलियरी के महती मुंडा, झपसी मंझियान, मंगली मंझियान, बुधनी मंझियान और सूरजमुनी मंझियान के पीएफ खाते से निकासी की गई थी। सीबीआई ने इस मामले में झारखंड पुलिस‌ को भी अलर्ट किया है।

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