ममता ने बंगाल में फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने को भी बनाया है उद्योग – भाजपा

 

कोलकाता, 29 जनवरी । सुप्रीम कोर्ट द्वारा कलकत्ता हाई कोर्ट में न्यायाधीश बनाम न्यायाधीश मामले में पश्चिम बंगाल में फर्जी प्रमाणपत्र से संबंधित केस को देशभर में सुर्खियों में ला दिया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस‌से संबंधित सभी मामले हाई कोर्ट से अपने पास स्थानांतरित करने और सभी संबंधित पक्षों को अपनी दलीलें पूरी करने का निर्देश देने के बाद भाजपा ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पश्चिम बंगाल भाजपा के सह प्रभारी एवं भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी सरकार पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र जारी करने को उद्योग बनाकर राज्य के सामाजिक ताने-बाने को तार-तार करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने ओबीसी जातियों की सूची में मुसलमानों की लगभग सभी ‘जातियों’ को शामिल कर व्यवस्थित रूप से ओबीसी हिंदू समुदाय को आरक्षण के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाया है। मालवीय ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा, “ममता बनर्जी सरकार ने पश्चिम बंगाल में फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करने को एक उद्योग बना दिया है, जिसके कारण हाशिए पर रहने वाले एससी और एसटी समुदायों के लाखों युवा- पुरुष और महिलाएं उन अवसरों से वंचित हो गए हैं, जो उनका अधिकार था। मालवीय ने ममता सरकार पर अपने सांप्रदायिक कामों द्वारा राज्य के सामाजिक ताने-बाने को तार-तार करने का बड़ा आरोप लगाते हुए आगे कहा, उन्होंने सूची में मुसलमानों की लगभग सभी ‘जातियों’ को शामिल कर व्यवस्थित रूप से हिंदू ओबीसी समुदाय को आरक्षण के लाभ से वंचित कर दिया है। ममता बनर्जी के इन सांप्रदायिक कदमों ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने को तार-तार कर दिया है।भाजपा नेता ने सेव बंगाल के हैशटैग के साथ ममता बनर्जी की सरकार से बंगाल को बचाने का भी आह्वान किया।

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