कोलकाता, 06 मार्च। भारतीय संस्कृति संसद की ओर से बसंत उत्सव धूमधाम से मनाया गया। संसद सभागार में पिला मूंधडा ने गणेश जी की स्तुति से कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। आगंतुकों का स्वागत करते हुए साहित्य मंत्री डॉ तारा दूगड़ ने कहा कि बसंत के उल्लास का पूर्ण विकास ही होली है। नवजीवन का आह्वान करती बासंती बयार हम सबके मन से बैर, विरोध को दूर कर भाईचारा एवं प्रेम का संचार करे, यही आज के आयोजन का उद्देश्य है।
संस्था के अध्यक्ष डॉ बिट्ठलदास मूंधडा ने बीकानेर, बरसाने एवं ब्रज की होली का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सब होली के साथ हमारे संसद की होली भी किसी मायने में कम नहीं है। कार्यकारिणी सदस्या सुमन सरावगी के निर्देशन में कार्यक्रम का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनोहारी समापन बसंतरास द्वारा किया गया। उससे पहले कुछ सुपरिचित कलाकारों ने प्रहसन, कविता, नृत्य एवं सुमधुर गीतों से समां बाध दिया। कार्यक्रम का संचालन कपिला मूंधडा एवं सुशांत गोपाल सुरेका ने किया।
कार्यक्रम में राजगोपाल सुरेका, विजय झुनझुनवाला, अजयेन्द्र नाथ त्रिवेदी, गोपालदास चांडक, अम्बरीश दम्मानी, गोपाल केडिया,राम अवतार झूनझूनवाला प्रभृति अनेक महानुभाव उपस्थित थे।
