
सुबह छह बजे पांच वाहनों के काफिले के साथ पहुंची टीम, बैंक खातों, दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की हुई पड़ताल
बराकर। पश्चिम बर्धवान जिले के कुल्टी थाना अंतर्गत बराकर स्थित हनुमान चढ़ाई इलाके में शुक्रवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अचानक हुई कार्रवाई से कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई। ईडी की टीम ने जय श्री ग्रुप के मालिक उद्योगपति सोनू दारुका के भाई अनिल दारुका के आवास पर करीब पांच घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग छह बजे पांच वाहनों के काफिले के साथ ईडी के अधिकारी आवास पहुंचे। टीम के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी तैनात थे। अधिकारियों के दल में महिला अधिकारी भी शामिल थीं। सुरक्षा घेरे में शुरू हुई तलाशी की कार्रवाई पूर्वाह्न करीब 11 बजे तक चली।
इस दौरान अधिकारियों ने आवास में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों, बैंक खातों, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की। परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के बाद कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर ईडी की टीम वहां से रवाना हो गई।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई करीब 280 से 290 करोड़ रुपये के कथित कोहिनूर पावर घोटाले की जांच से जुड़ी हो सकती है। आरोप है कि झारखंड में 66 मेगावाट क्षमता के बिजली संयंत्र की स्थापना के नाम पर लिया गया ऋण कथित तौर पर शेल कंपनियों के जरिए दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया। इसी मामले के सिलसिले में ईडी द्वारा कोलकाता, उत्तरपाड़ा, हावड़ा और आसनसोल सहित कई स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर है।
वहीं, कथित अवैध कोयला कारोबार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों को लेकर भी इस कार्रवाई की चर्चा हो रही है। इन मामलों में अनूप मांझी उर्फ लाला समेत कई लोगों के नाम पहले भी सामने आ चुके हैं। हालांकि, अनिल दारुका के आवास पर हुई इस छापेमारी का उक्त मामलों से सीधा संबंध होने की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईडी की कार्रवाई की खबर फैलते ही बराकर के व्यापारिक एवं औद्योगिक क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। फिलहाल एजेंसी की ओर से छापेमारी के उद्देश्य, संभावित बरामदगी और जांच की अगली दिशा को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सभी की निगाहें ईडी की आधिकारिक जानकारी पर टिकी हैं।
