
देश के 22 राज्यों की चुनिंदा नगरपालिकाएं जांच के दायरे में, 2020-21 से 2025-26 तक के रिकॉर्ड खंगालेगी विशेष टीम
कोलकाता। पश्चिम बंगाल समेत देश के 22 राज्यों की चुनिंदा नगरपालिकाओं में अवैध निर्माण और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की विशेष टीम मैदान में उतरेगी। इस जांच के दायरे में पश्चिम बंगाल की 16 नगरपालिकाओं को शामिल किया गया है। इनमें आसनसोल, सिलीगुड़ी, साउथ दमदम, डोमकल, हल्दिया, हालीशहर, बारानगर, कृष्णानगर, उलूबेड़िया, दार्जिलिंग, उत्तरपाड़ा-कोत्रुंग, श्रीरामपुर, बोलपुर, टाकी, कर्सियांग और कांथी नगरपालिका शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, सीएजी की विशेष टीम इन नगरपालिकाओं में भवन निर्माण की अनुमति देने, स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण कार्य होने तथा संपत्ति कर के निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया की विस्तृत पड़ताल करेगी। इसके तहत संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
छह वित्तीय वर्षों का रिकॉर्ड होगा खंगाला
इस जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि नगरपालिकाओं ने कितने भवन निर्माण के नक्शे स्वीकृत किए, वास्तविक निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप हुआ या नहीं तथा संपत्ति कर का निर्धारण और संग्रह निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया या नहीं।
महीने के अंतिम सप्ताह से शुरू होगी प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, सीएजी के प्रतिनिधि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से संबंधित नगरपालिकाओं में तथ्य संग्रह और आंकड़ों की पड़ताल शुरू कर सकते हैं। इसके लिए भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेजों, टैक्स रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक अभिलेखों की जांच की जाएगी।
इस जांच के जरिए नगरपालिकाओं के कामकाज में पारदर्शिता, भवन निर्माण संबंधी नियमों के पालन और राजस्व संग्रह की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
