
आसनसोल: इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल की ओर से कुल्टी हाई स्कूल में विद्यार्थियों के लिए एक कर्मशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के चेयरमैन संजय सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज और देश की सेवा केवल बोलकर नहीं की जा सकती। आप जहां हैं, वहीं अपना काम ईमानदारी और पूरी जिम्मेदारी से करें। विद्यार्थी आईएएस बनें या डॉक्टर लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान बनें।देश के लिए कुछ करने का प्रयास करें। देश में अच्छा या बुरा जो कुछ होगा उसके लिए आने वाली पीढ़ी ही जिम्मेदार होगी। युवा देश का भविष्य हैं और बड़े होकर उन्हें ही देश चलाना है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने जीवन में सही दिशा चुनने की सीख दी। कहा कि गिरना गलत नहीं है लेकिन गिरकर न उठना गलत है। मंजिल पाने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नंबर से अधिक ज्ञान महत्वपूर्ण है। जब तक कोई बात समझ में न आए तब तक शिक्षक से सवाल करते रहें। माता-पिता अक्सर जानते हैं कि बच्चों के लिए क्या बेहतर है इसलिए उनकी बात सुननी चाहिए। संजय सिन्हा ने विद्यार्थियों से कहा कि अभी उनका मुख्य काम पढ़ाई करना है। अपने जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह आईएएस बनना चाहते थे लेकिन पत्रकार बन गए। शायद आज वह इसी भूमिका में अधिक खुश हैं।उन्होंने कहा कि कर्म को पूजा मानकर जिम्मेदारी निभाएं। देश की नींव मजबूत होगी तो उसे कोई आसानी से हिला नहीं सकेगा। उन्होंने बड़ों से बच्चों में संस्कार डालने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। चेयरमैन संजय सिन्हा ने कहा कि परिवार के साथ जैसा व्यवहार करते हैं वैसा ही व्यवहार पड़ोसियों के साथ भी करें। सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि आज जो बोलने की आजादी मिली है उसके लिए लोगों ने त्याग किया है। इसलिए स्वतंत्रता और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना जरूरी है।इस मौके पर संस्था की ब्लॉक अध्यक्ष माला माजी,उपाध्यक्ष बृहस्पति घोष,जिला कनवीनर अमित सिंह,सिटी उपाध्यक्ष राम लाल दुबे आदि भी उपस्थित थे।स्कूल के प्रधान शिक्षक अनूप दत्ता को चेयरमैन ने सम्मानित भी किया।
