​भारतीय भाषा परिषद् में ‘काव्य लहरी-3’ की चौथी लहर संपन्न: कवियों के मधुर स्वरों से गुंजायमान हुआ भाषा परिषद का प्रांगण

कोलकाता: 31 अगस्त। भारतीय भाषा परिषद् के तत्वावधान में शनिवार, की संध्या परिषद् सभागार में ‘काव्य लहरी’ की तृतीय श्रृंखला की चौथी लहर का अत्यंत भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। “शब्दों से आत्मा तक की यात्रा” की केंद्रीय थीम पर आधारित इस काव्य संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में मूर्धन्य विद्वान एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेम शंकर त्रिपाठी उपस्थित रहे। मंच पर परिषद् के निदेशक डॉ. शंभुनाथ एवं श्री आशीष झुनझुनवाला की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्रोताओं से खचाखच भरे सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. गिरिधर राय द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना तथा श्री आशीष झुनझुनवाला के आत्मीय स्वागत वक्तव्य से हुआ। श्री झुनझुनवाला ने सभी अतिथियों, रचनाकारों एवं साहित्य-प्रेमी श्रोताओं का अभिनंदन करते हुए ‘काव्य लहरी’ की इस निरंतर यात्रा पर प्रकाश डाला।

आमंत्रित काव्य स्वरों का

भावभीना स्वागत एवं अभिनंदन डॉ शंभुनाथ, बिमला पोद्दार, डॉ रश्मि पांडा, आशीष झुनझुनवाला एवं डॉ निर्दोष द्वारा किया गया। कार्यक्रम का एक अत्यंत भावुक एवं सुंदर क्षण तब देखने को मिला जब कवि श्री कमल पुरोहित ‘अपरिचित’ का स्वागत एवं सम्मान स्वयं उनकी पूजनीय माता जी ने मंच पर पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया।
​मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम शंकर त्रिपाठी ने अपने सारगर्भित वक्तव्य से उपस्थित रचनाकारों को प्रेरित किया। उनकी ‘वंदे मातरम्’ कविता ने सभागार में देशभक्ति का संचार करते हुए श्रोताओं की भरपूर वाहवाही बटोरी। इसके पश्चात आमंत्रित कवियों—श्री राजेश कुमार साव, श्रीमती मौसमी प्रसाद, श्रीमती प्रणति ठाकुर, श्री कमल पुरोहित ‘अपरिचित’ एवं डॉ उमेश चंद पाण्डेय ने अपनी विविधवर्णी एवं भावपूर्ण रचनाओं से समां बांध दिया और संपूर्ण सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।


​संपूर्ण कार्यक्रम का अत्यंत कुशल, जीवंत एवं सुव्यवस्थित संचालन प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. गिरिधर राय ने अपनी सहज एवं काव्यात्मक शैली में बखूबी निभाया। अंतिम पड़ाव में जब उन्होंने अपनी प्रसिद्ध एवं संवेदनशील कविता ‘माँ की याद’ का पाठ किया, तो पूरा सभागार भाव-विभोर हो उठा और कई श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।

​कार्यक्रम के समापन पर भारतीय भाषा परिषद् की ओर से श्रीमती बिमला पोद्दार ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।

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