
कोलकाता । आस्था, भक्ति भावना से जैन धर्म के अधिष्ठायक भोमिया जी महाराज का पूजन श्री वर्धमान जैन संघ में मुनि रविन्द्र विजय महाराज, मुनि महेन्द्र विजय महाराज के सानिध्य में मनाया गया । भक्ति भजनों की मधुर प्रस्तुति के साथ सैकड़ों श्रावक – श्राविकाओं ने आस्था, भक्ति भावना से भोमिया जी महाराज का अभिषेक, पूजा-अर्चना की ।

श्री वर्द्धमान जैन संघ के ट्रस्टी, अध्यक्ष कमलसिंह रामपुरिया, एस मिलाप चन्द जैन, विजय चन्द बैद, मुल्तान चन्द सुराणा, दिलीप दुगड़, महेन्द्र सुराणा, रतनचंद बांगाणी, विनीत रामपुरिया, नरेन्द्र बांठिया, संयोजक शांतिलाल रामपुरिया, माणकचन्द सेठिया, मोहनलाल कोचर, देवेन्द्र कोचर एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने श्रावक – श्राविकाओं का स्वागत किया एवं धार्मिक भक्ति भावना की सराहना की । मुनि रविन्द्र विजय महाराज ने बताया जैन धर्म में भोमिया जी महाराज सम्मेद शिखरजी और अन्य प्रमुख तीर्थों के अधिष्ठायक या रक्षक देवता माने जाते हैं । तीर्थ यात्रा की सफलता और रक्षा के लिए उनकी पूजा की जाती है । मान्यता है कि इनकी पूजा और स्मरण से तीर्थ यात्रा के दौरान मार्ग में आने वाले भय, संकट या भटकने की स्थिति से रक्षा होती है । जैन परम्परा के अनुसार इनकी पूजा श्रद्धा और णमोकार मंत्र के स्मरण के साथ की जाती है ।
पारस सावनसुखा, आशीष कोचर, सुरेश बांगानी, सौरभ सुराणा, आनन्द बांगानी, शिखरचंद बांठिया, अशोक बांठिया, सुनील बांठिया, प्रवीण बैद, जिनेन्द्र सावनसुखा, मोहित कोचर, अतुल कोचर एवं कार्यकर्ता सक्रिय रहे ।
