
कोलकाता । जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ जी का जन्म कल्याणक आस्था, भक्ति भावना से श्री वर्धमान जैन संघ में मुनि रविन्द्र विजय महाराज, मुनि महेन्द्र विजय महाराज के सानिध्य में मनाया गया ।

तीर्थंकर भगवान श्री नेमिनाथ जी का जन्म कल्याणक महोत्सव प्रतिवर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है । भक्ति भजनों की मधुर प्रस्तुति के साथ सैकड़ों श्रावक – श्राविकाओं ने आस्था, भक्ति भावना से तीर्थंकर भगवान का अभिषेक, पूजा-अर्चना की ।

मुनि रविन्द्र विजय महाराज ने बताया तीर्थंकर नेमीनाथ भगवान ने दीक्षा लेकर कठोर साधना की और गुजरात के गिरनार पर्वत पर उन्हें केवलज्ञान (सर्वज्ञता) प्राप्त हुआ । उन्होंने गिरनार पर्वत पर आषाढ़ मास की शुक्ल अष्टमी को मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त किया । जीवों के प्रति करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले नेमिनाथ जी के इस पावन दिवस पर जैन अनुयायी उपवास रखते हैं, विशेष पूजन करते हैं ।

श्री वर्द्धमान जैन संघ के ट्रस्टी, अध्यक्ष कमल सिंह रामपुरिया, विजय चन्द बैद, रतन चन्द बांगानी, एस मिलाप चन्द जैन, दिलीप दुगड़, महेन्द्र सुराणा, संयोजक मोहन लाल कोचर, आशीष कोचर, अशोक बांठिया, संजय रामपुरिया, शिखर चन्द बांठिया, सौरभ सुराणा, पारस सावनसुखा, दीपक दुगड़, सुनील बांठिया, आनन्द बांगानी, मोतीचंद दुगड़, मनीष कोचर एवम् श्रावक – श्राविका उपस्थित रहे ।
