
कोलकाता (सीताराम अग्रवाल) । आप लोग अब लेट जाइए अब सुदर्शन क्रिया कराई जाएगी। अपनी आंखें बंद कर लें और जैसा कहा जा रहा है, वैसा करें। ये आवाज थी मालिनी चौधरी की, जो श्री श्री रविशंकर जी द्वारा स्थापित आर्ट आफ लिविंग (एओएल) की ओर से प्रेस क्लब कोलकाता के कक्ष में पत्रकारों को जीवन जीने की कला सीखा रही थीं। इसके पहले प्राणायम सहित और भी कई क्रियायें कराई जा चुकी थी। ग्लोबल हैपीनेश नामक यह दो दिवसीय कार्यक्रम क्लब के सहयोग से एओएल ने क्लब के सदस्य पत्रकारों के लिए हाल ही में किया था। मालिनी जी एओएल की सीनियर फैकल्टी हैं तथा वकालत का पेशा छोड़ कर पिछले 25 वर्षों से समर्पित भाव से संस्था की सेवा कर रही हैं। किसी भी पत्रकार को किसी भी क्रिया को करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए उनका सहयोग कर रहे थे- रूचिरा राय, वन्दना नाहर व माधव माइति।
कुछेक सदस्यों के मन में विचार आया कि अगर हम आंख बंद कर लेंगे तो फिर यह कैसे पता चलेगा कि हम सही कर रहे हैं या गलत। लेकिन उनका यह सोचना गलत था क्योंकि कोई भी साधना करते समय यह ध्यान रखना पड़ता है कि अगर आंखें खुली रखेंगे तो बाहर की चीजों से एकाग्रता पर प्रभाव पड़ेगा और वांछित फल नहीं मिलेगा। आयोजन के दौरान पत्रकारों ने अपनी अभिज्ञता भी साझा की। किसी ने कहा कि बहुत हल्का महसूस हो रहा है, किसी ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि वे आकाश में उड़ रहे हैं तो किसी ने कहा कि शरीर में काफी उथल – पुथल के बाद अब शांति आ गयी है। वरिष्ठ पत्रकार सीताराम अग्रवाल ने कहा कि जैसे हिरण की नाभि में ही कस्तूरी होती है, पर अज्ञानतावश वह उसे चारों ओर ढूंढ़ता है, उसी प्रकार मनुष्य के अन्दर ही सब कुछ है, जिसे हम समझ नहीं पाते। संघर्ष, अभाव, काम का अत्यधिक दवाब वगैरह से पत्रकार हमेशा मानसिक तनाव से ग्रस्त रहता है। ऐसी हालत में उसे शांति की आवश्यकता होती है। एओएल के माध्यम से हम वो पा सकते हैं। उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रेस क्लब को धन्यवाद देते हुए सुझाव दिया कि सिर्फ एक बार से काम नहीं चलेगा, बीच-बीच में यह होते रहना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान क्लब के सचिव किंगसुक प्रामाणिक, कोषाध्यक्ष अरिजित दत्त, सह सचिव निताई मालाकार की उपस्थिति ने आयोजन को सुचारू रूप से करने में मदद की। श्री प्रामाणिक ने कार्यक्रम को नि: शुल्क करने के लिए एओएल का आभार व्यक्त किया। आयोजन की समाप्ति पर एओएल से आगत अतिथियों को प्रेस क्लब की ओर से उपहार देकर सम्मानित किया गया। पहले दिन दोपहर का भोजन एओएल ने तथा दूसरे दिन का भोजन प्रेस क्लब ने व्यवस्था की।
