
पद्मश्री विभूषित आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी के अवतरण दिवस पर 170 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर प्रदान किये गये ।
कोलकाता । पद्मश्री विभूषित आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी के 69वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में श्री वर्द्धमान जैन संघ में गुरु महिमा पर समाजसेवी जय कांकरिया, रूपचंद सावनसुखा एवं अतिथियों के विचार और भजनगायकों द्वारा भजनों की अमृतवर्षा से श्रावक – श्राविका भाव विभोर हो गये । इस अवसर पर अनुकम्पा दिवस के रूप में 170 से अधिक दिव्यांगजनों को महावीर सेवा सदन द्वारा निर्मित कृत्रिम पैर प्रदान किये गये । मुनि रविन्द्र विजय महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा जैन आचार्य विजयानंद सुरीश्वर जी (आत्माराम जी), विजयबल्लभ सूरीश्वर जी, विजय समुद्र सुरीश्वर जी, विजय इन्द्रदिन्न सुरीश्वर जी, पद्मश्री विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी ने तप – त्याग का मार्ग बताया है, हम सभी उसका अनुसरण करते हैं एवं धर्म संघ में श्रावक – श्राविकाओं को सत्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं । आचार्यश्री की प्रेरणा से अनेक शैक्षणिक, चिकित्सा संस्थान तथा सामाजिक सेवा प्रकल्पों की स्थापना हुई है एवं निरन्तर प्रगति पथ पर है ।

श्री वर्द्धमान जैन संघ के ट्रस्टी, अध्यक्ष कमलसिंह रामपुरिया, एस मिलाप चन्द जैन, विजय चन्द बैद, मुल्तान चन्द सुराणा, दिलीप दुगड़, महेन्द्र सुराणा, रतनचंद बांगाणी, विनीत रामपुरिया, नरेन्द्र बांठिया, संयोजक शांतिलाल रामपुरिया, माणकचन्द सेठिया, मोहनलाल कोचर, देवेन्द्र कोचर एवं कार्यकारिणी सदस्य सक्रिय रहे । संचालन आशीष कोचर ने किया ।
