
27 जुलाई से 2 अक्टूबर तक चलेगा जनजागरण व हस्ताक्षर अभियान, केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा ज्ञापन
आसनसोल। भारतीय संस्कृति में गौवंश के महत्व और गो-संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को आसनसोल में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का शुभारंभ किया गया। अभियान के माध्यम से लोगों से गोमाता के सम्मान, संरक्षण और सेवा के लिए आगे आने की अपील की गई। आयोजकों ने कहा कि यह अभियान समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर गो-संरक्षण के प्रति व्यापक जनसमर्थन तैयार करने का प्रयास है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में गोवंश का विशेष स्थान रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और पशुपालन में भी गाय की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी दृष्टिकोण से गो-संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।अभियान के दौरान आयोजकों ने केंद्र सरकार से गो-संरक्षण के लिए प्रभावी एवं कठोर कानूनी व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही पूरे देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने तथा गो-सेवा और गो-संरक्षण के लिए केंद्र सरकार के अधीन एक पृथक मंत्रालय के गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि गो-संरक्षण से जुड़े मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आयोजकों के अनुसार, यह जनजागरण अभियान 27 जुलाई 2026 से 2 अक्टूबर 2026 (गौ सम्मान दिवस) तक चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों का समर्थन जुटाया जाएगा। अभियान की समाप्ति पर एकत्रित हस्ताक्षरों के साथ केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि अभियान से जुड़ी मांगों पर विचार किया जा सके।
कार्यक्रम में रघुनाथ प्रसाद, पुनीत कुमार सनत्तोरिया, उत्पल राय चौधरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान का समर्थन करते हुए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इससे जुड़ने तथा गो-संरक्षण और जनजागरूकता के इस प्रयास को सफल बनाने की अपील की। आयोजकों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज में गो-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इस विषय पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि बड़ी संख्या में लोगों के सहयोग से यह अभियान अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक प्राप्त करेगा।
