
जामुड़िया। जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र स्थित विजयनगर में सोमवार को एक ठेका श्रमिक की मौत के बाद तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड में कार्यरत एक ठेका श्रमिक के उपचार के दौरान निधन के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनका शव कारखाने के मुख्य गेट के समक्ष रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा न्याय की मांग को लेकर कई घंटों तक धरना दिया। जानकारी के अनुसार, उखड़ा निवासी कुंदन प्रसाद श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड में ठेका श्रमिक के रूप में कार्यरत थे। लगभग एक माह पूर्व कारखाने में कार्य के दौरान हुए एक गंभीर हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां लगातार उनका उपचार चल रहा था। रविवार देर रात उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। सोमवार सुबह परिजन कुंदन प्रसाद का शव लेकर कारखाने के मुख्य द्वार पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि दुर्घटना के बाद प्रारंभिक दिनों में कारखाना प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार ने इलाज के लिए कुछ आर्थिक सहायता दी, लेकिन बाद में यह सहायता बंद कर दी गई। उनका कहना था कि आर्थिक संकट के कारण उपचार प्रभावित हुआ और अंततः कुंदन प्रसाद की जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों ने बताया कि कुंदन प्रसाद परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। उन्होंने मांग की कि परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, एक सदस्य को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे कारखाने के बाहर कई घंटों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू कराई। करीब कई घंटे तक चली बातचीत के बाद कारखाना प्रबंधन, ठेकेदार और मृतक के परिजनों के बीच सहमति बनी। इस दौरान श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक कंचन मुखर्जी ने कहा कि कंपनी मृतक के परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कंपनी के नियमों के अनुसार देय समस्त मुआवजा परिवार को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मृतक के परिवार के एक सदस्य को कंपनी में रोजगार देने का भी आश्वासन दिया गया। कंपनी के आश्वासन और मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद परिजनों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया और क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन तथा दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
