
आसनसोल। श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस. पोन्नाबलम तथा आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित प्रसिद्ध चंद्रचूड़ मंदिर एवं कांवड़ यात्रियों के लिए बनाए गए सेवा शिविर का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण, पेयजल की उपलब्धता, अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं, एंबुलेंस सेवा, सहायता केंद्र तथा आपातकालीन राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक व्यवस्था की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।जिलाधिकारी एस. पोन्नाबलम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों के आगमन की संभावना को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और विश्राम स्थलों सहित सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही उन्होंने साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाए।संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहेगी। प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-19 सहित कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर सहायता केंद्र, चिकित्सा शिविर, विश्राम स्थल, पेयजल की व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त पुलिस, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, दमकल विभाग तथा स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की भी तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से इस वर्ष की श्रावण मास की कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
