
दुर्गापुर। पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर स्थित कांकसा प्रखंड के गोपालपुर ग्राम पंचायत में मंगलवार को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने और पंचायत स्तर पर कथित अनियमितताओं के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, प्रधान एवं उपप्रधान के कक्ष का घेराव किया और बाद में पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने प्रधान और उपप्रधान के बाहर निकलने के दौरान उनकी ओर अंडे फेंके तथा उनके खिलाफ नारेबाजी की। हालात को नियंत्रित करने के लिए कांकसा थाना पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती करनी पड़ी। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित गोपालपुर ग्राम पंचायत में लंबे समय से आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर अवस्था में हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही। इसके अलावा बरसात से प्रभावित परिवारों को तिरपाल उपलब्ध नहीं कराया गया तथा अन्नपूर्णा योजना के आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को समान रूप से नहीं दिया जा रहा है। उनका दावा था कि योजनाओं का लाभ चयनित लोगों तक ही सीमित रखा जा रहा है, जिससे आम लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत कार्यालय पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा नेता कार्तिक मिस्त्री ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद विपक्ष की ओर से पंचायत को निष्पक्ष ढंग से कार्य करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पंचायत आम लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी कारण स्थानीय लोगों में व्यापक आक्रोश है और वे अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं।
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही कांकसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। समाचार लिखे जाने तक पंचायत प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
