
कोलकाता। नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (एनएफआईटीयू) के तत्वावधान में आयोजित “असंगठित श्रमिक सम्मेलन-2026” का सफल आयोजन कोलकाता में संपन्न हुआ। सम्मेलन में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से आए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य असंगठित श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रमिकों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में व्यापक चर्चा करना था। सम्मेलन के दौरान असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की वर्तमान परिस्थितियों, उनके समक्ष मौजूद चुनौतियों तथा उनके अधिकारों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान होने के बावजूद उन्हें आज भी उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेंशन, बीमा तथा अन्य श्रमिक अधिकारों से पूरी तरह वंचित रहना पड़ता है। ऐसे में सरकार और संबंधित संस्थाओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इस अवसर पर “असंगठित श्रमिक अधिकार घोषणा-पत्र-2026” (20 सूत्री मांग-पत्र) प्रस्तुत किया गया, जिसमें असंगठित श्रमिकों के लिए न्यूनतम एवं न्यायसंगत वेतन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सार्वभौमिक लाभ, श्रम कानूनों का प्रभावी अनुपालन, सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेंशन, बीमा तथा अन्य बुनियादी अधिकार सुनिश्चित करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को शामिल किया गया। सम्मेलन में इस घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से पारित किया गया। उपस्थित प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह नीति दस्तावेज आने वाले समय में असंगठित श्रमिकों के अधिकारों की स्थापना के आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

सम्मेलन की सफलता पर वक्ताओं ने ऑल बंगाल कॉन्ट्रैक्चुअल सिक्योरिटी गार्ड वर्कर्स डेवलपमेंट यूनियन के महासचिव बबलू बाला सहित संगठन के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों तथा पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से पहुंचे श्रमिक प्रतिनिधियों और अतिथियों को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास और सक्रिय सहभागिता के कारण सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
सम्मेलन में यह भी कहा गया कि एक संगठित, जागरूक और एकजुट श्रमिक समाज ही सामाजिक न्याय तथा श्रमिक हितैषी भारत की मजबूत नींव बन सकता है। वक्ताओं ने सभी श्रमिकों से संविधान, कानून के शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हुए अपने वैधानिक एवं न्यायोचित अधिकारों की स्थापना के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। सम्मेलन का समापन असंगठित श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और श्रमिक हितों को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन में पारित 20 सूत्री अधिकार घोषणा-पत्र भविष्य में श्रमिकों के हितों से जुड़ी नीतियों और आंदोलनों को नई दिशा प्रदान करेगा।
