सीटू के झंडे हटाकर भाजपा का झंडा लगाने के विरोध में वामपंथी संगठनों का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

रानीगंज बोरो-2 कार्यालय के बाहर सीटू समर्थित नगर मजदूर यूनियन ने भाजपा पर लगाया लोकतांत्रिक परंपराओं के उल्लंघन का आरोप

रानीगंज। आसनसोल नगर निगम के रानीगंज बोरो-2 कार्यालय परिसर में सीटू (सीआईटीयू) समर्थित रानीगंज म्युनिसिपल मजदूर यूनियन का झंडा हटाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का झंडा लगाए जाने के विरोध में शनिवार की शाम सीटू एवं विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लाल झंडे के साथ रैली निकालते हुए भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि बोरो-2 कार्यालय किसी राजनीतिक दल का कार्यालय नहीं, बल्कि एक सरकारी प्रशासनिक कार्यालय है। ऐसे स्थान पर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठन का झंडा हटाकर किसी राजनीतिक दल का झंडा लगाना पूरी तरह अनुचित एवं अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि इस घटना से नगर निगम के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं और श्रमिक संगठनों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं हैं और प्रशासन को दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। सीटू नेतृत्व ने बताया कि झंडा हटाने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंप दी गई है। प्रदर्शन सभा को श्रमिक नेता सुप्रियो राय, संजय प्रामाणिक, रामकृष्ण चटर्जी सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर रानीगंज नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रुनु दत्ता भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
सीटू नेताओं ने बताया कि गत गुरुवार दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे भाजपा के आठ से दस कार्यकर्ता बोरो-2 कार्यालय पहुंचे और वहां लगे सीटू समर्थित रानीगंज म्युनिसिपल मजदूर यूनियन के लाल झंडे को हटाकर भाजपा का झंडा लगा दिया। इस घटना के बाद से नगर निगम कर्मचारियों एवं श्रमिक संगठनों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि रानीगंज म्युनिसिपल मजदूर यूनियन की स्थापना वर्ष 1955 में नगर निगम कर्मचारियों के वेतन वृद्धि और श्रमिक अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। बाद में यह यूनियन सीटू से संबद्ध हो गई और वर्तमान में ऑल बंगाल म्युनिसिपल वर्क्समैन फेडरेशन के अधीन कार्य कर रही है। यूनियन लगातार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए), मृत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी, सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर आंदोलन करती रही है। सीटू नेतृत्व के अनुसार रानीगंज बोरो-2 क्षेत्र में यूनियन के 120 से अधिक सदस्य हैं और यह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन है। नेताओं का आरोप है कि पहले भी यूनियन को कमजोर करने के प्रयास किए गए थे, जिन्हें कर्मचारियों ने विफल कर दिया था। अब भाजपा द्वारा की गई इस कार्रवाई के खिलाफ पूरे रानीगंज कोयलांचल में रोष व्याप्त है। हालांकि, इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, प्रशासन से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच किए जाने की बात कही गई है।

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