शहीद दिवस रैली में सड़क अवरोध के आरोप पर ममता और अभिषेक बनर्जी से हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

कोलकाता, 03 जुलाई । कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को अवमानना याचिका पर 4 सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2025 में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की 21 जुलाई काे शहीद दिवस रैली के दौरान अदालत के पूर्व आदेश का उल्लंघन करते हुए प्रमुख सड़कों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया था।
न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा राय की खंडपीठ ने दोनों नेताओं को आरोपों पर अपना पक्ष शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही याचिकाकर्ता को उनके जवाब पर दाे सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
याचिका में कहा गया है कि मई 2018 में कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने निर्देश दिया था कि सार्वजनिक सभा या रैली के दौरान किसी भी प्रमुख सड़क को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया था कि पैदल यात्रियों और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता हर हाल में खुला रखा जाना चाहिए।
अधिवक्ता श्रीकांत दत्त ने 19 जून को अवमानना याचिका दायर कर दावा किया कि 21 जुलाई, 2025 को आयोजित तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के दौरान कोलकाता के एस्प्लेनेड क्षेत्र में प्रमुख सड़कों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे उच्च न्यायालय के 2018 के आदेश का उल्लंघन हुआ।
इससे पहले खंडपीठ ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। अब अदालत ने दोनों नेताओं को 4 सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त निर्धारित की है।

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