
जामुड़िया। कोलकाता के प्रतिष्ठित पोस्ता बाजार मर्चेंट एसोसिएशन के महासचिव विश्वनाथ अग्रवाल पर उनके कार्यालय में हुए कथित हमले को लेकर व्यापारी समाज में रोष व्याप्त है। घटना के विरोध में जामुड़िया में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में वरिष्ठ उद्योगपति एवं समाजसेवी अजय खेतान ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। अजय खेतान ने कहा कि किसी व्यापारी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी के कार्यालय में घुसकर कथित रूप से मारपीट करना और उनके साथ अभद्र व्यवहार करना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि पूरे व्यापारी समाज में असुरक्षा की भावना भी पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के समय “भय आउट, भरोसा इन” का नारा दिया गया था। ऐसे में यदि व्यापारियों को ही अपने कार्यालयों में सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है, तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग के विकास के लिए सुरक्षित वातावरण सबसे पहली आवश्यकता है और सरकार का दायित्व है कि प्रत्येक व्यापारी को निर्भय होकर अपना व्यवसाय करने का माहौल उपलब्ध कराया जाए। अजय खेतान ने स्पष्ट किया कि इस मामले को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार यह कानून-व्यवस्था और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र पहचान की जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर कानून के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव राज्य के व्यापारिक वातावरण और निवेश के माहौल पर पड़ सकता है। व्यापारी समाज हमेशा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए उसकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। संवाददाता सम्मेलन में अजय खेतान ने राज्य सरकार से अपील की कि कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी व्यापारी या व्यापारी संगठन के पदाधिकारी के साथ इस प्रकार की घटना दोबारा न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर दोषियों को कानून के दायरे में लाएगा, जिससे व्यापारी समाज का विश्वास बना रहेगा। इस घटना को लेकर विभिन्न व्यापारी संगठनों में भी चिंता और नाराजगी का माहौल देखा जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण ही व्यापार एवं उद्योग की प्रगति का आधार है और इसे हर हाल में बनाए रखना आवश्यक है।
