
अंडाल। कोयला उद्योग के श्रमिकों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर बुधवार को अंडाल के खास काजोड़ा क्षेत्र में हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) की ओर से एक श्रमिक सभा आयोजित की गई। सभा में संगठन के नेताओं ने केंद्र सरकार और कोयला उद्योग प्रबंधन से 12वीं जेबीसीसीआई (ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री) का शीघ्र गठन करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि जेबीसीसीआई के गठन में हो रही लगातार देरी के कारण लाखों कोयला श्रमिकों के वेतन पुनरीक्षण, भत्तों में संशोधन, सेवा शर्तों और अन्य महत्वपूर्ण श्रमिक हितों से जुड़े मामले लंबे समय से अधर में लटके हुए हैं। सभा में बड़ी संख्या में कोयला श्रमिकों और संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान श्रमिकों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए मजदूर हितों की रक्षा और लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की। नेताओं ने कहा कि कोयला उद्योग देश की ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ है और इसके उत्पादन में श्रमिकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद उनकी न्यायोचित मांगों पर समय पर निर्णय नहीं लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सभा को संबोधित करते हुए हिंद मजदूर सभा के नेताओं ने कहा कि पिछला वेतन समझौता समाप्त होने के बाद से श्रमिक नई वेतन संधि की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक 12वीं जेबीसीसीआई का गठन नहीं होने से वार्ता प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच पुराने वेतनमान पर काम करना श्रमिकों के लिए कठिन होता जा रहा है। नेताओं ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण के अलावा महंगाई भत्ता, विभिन्न भत्तों में संशोधन, सेवा शर्तों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा तथा कर्मचारियों के अन्य कल्याणकारी मुद्दे भी जेबीसीसीआई के गठन पर निर्भर हैं। यदि समिति का गठन शीघ्र नहीं किया गया तो श्रमिकों की समस्याएं और गंभीर होती जाएंगी। उन्होंने केंद्र सरकार, कोल इंडिया लिमिटेड तथा संबंधित प्रबंधन से श्रमिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल 12वीं जेबीसीसीआई का गठन कर वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रबंधन दोनों की जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभा के दौरान श्रमिकों ने “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “मजदूरों का सम्मान, देश का सम्मान” तथा “12वीं जेबीसीसीआई का गठन अविलंब करो” जैसे नारों के साथ अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। नेताओं ने सभी श्रमिकों से संगठन के नेतृत्व में एकजुट रहने और अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सभा के अंत में हिंद मजदूर सभा ने चेतावनी दी कि यदि 12वीं जेबीसीसीआई का गठन शीघ्र नहीं किया गया और लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो संगठन चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और संबंधित प्रबंधन की होगी।
