कोलकाता में जेडएसआई के 111वें स्थापना दिवस पर पशु वर्गीकरण शिखर सम्मेलन 2026 का शुभारंभ

कोलकाता, 30 जून। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई) के 111वें स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय पशु वर्गीकरण शिखर सम्मेलन 2026 (एटीएस 4.0) का शुभारंभ किया। सम्मेलन में देशभर से 500 से अधिक वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री यादव ने भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा संयुक्त रूप से तैयार एनिमल डिस्कवरीज 2025 तथा प्लांट डिस्कवरीज 2025 पत्रिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी लोकार्पण किया गया। इनमें पशु वर्गीकरण शिखर सम्मेलन 2026 की द्विभाषी सार पुस्तिका, रिकॉर्ड्स ऑफ जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का विशेष अंक, फौना ऑफ वेस्ट बंगाल, जीव दर्पण तथा अन्य प्रकाशन शामिल हैं।
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण ने फौना ऑफ इंडिया चेकलिस्ट संस्करण 3.0 भी जारी किया। निदेशक डॉ. धृति बनर्जी के नेतृत्व में 185 वर्गिकी विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार इस अद्यतन सूची में 121 वर्गिकी सूचियों के अंतर्गत 1,05,953 प्रजातियों और उपप्रजातियों का विवरण शामिल किया गया है। इसमें कीट वर्ग, विशेष रूप से भृंग, पतंगे और मधुमक्खियों की सर्वाधिक विविधता दर्ज की गई है, जबकि कशेरुकी जीवों में मछलियां सबसे अधिक हैं। इस सूची को प्रत्येक वर्ष अद्यतन किया जाएगा।
इस अवसर पर पेलियोइंडिया पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। भारतीय प्राणी सर्वेक्षण चेन्नई स्थित राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सहयोग से विकसित इस डिजिटल पोर्टल में देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में जीवाश्म जीवों के वितरण का विवरण उपलब्ध कराया गया है। पोर्टल में 5,000 से अधिक जीवाश्म नमूनों का रिकॉर्ड मौजूद है और इसमें वास्तविक समय में आंकड़े अपलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
सम्मेलन के आगामी दो दिनों में वर्गिकी तथा जीव विविधता एवं संरक्षण विषयों पर 10 तकनीकी सत्र और पोस्टर प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन चर्चाओं से प्राप्त सुझाव भारत सरकार को भविष्य की जैव विविधता और संरक्षण नीतियों के लिए सौंपे जाएंगे।
कार्यक्रम में पद्म भूषण सम्मानित डॉ. स्वपन दासगुप्ता, पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त मंत्री तथा राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री मनोज उरांव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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