
आसनसोल न्यायालय परिसर में गूंजे ‘चोर-चोर’ के नारे, कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश
आसनसोल। पश्चिम बर्दवान जिले के बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा और विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाराबनी ब्लॉक अध्यक्ष एवं बाराबनी पंचायत समिति के सभापति असित सिंह, उनके भाई एवं उप-प्रधान विश्वजीत सिंह सहित पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को चुनावोत्तर हिंसा से जुड़े मामलों में पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में कथित कोयला कारोबारी अकबर आलम, स्वप्न साजी तथा रंजीत घोष उर्फ ‘घाटुआ’ शामिल हैं। शुक्रवार को सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आसनसोल जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां पुलिस ने गहन पूछताछ के लिए अदालत से 14 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की।
गुप्त सूचना के आधार पर देर रात चली कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद गुरुवार देर रात विशेष अभियान चलाया गया। बाराबनी थाना पुलिस ने कुल्टी थाना क्षेत्र के डुबूरडीह स्थित एक ढाबे के समीप से असित सिंह और विश्वजीत सिंह को गिरफ्तार किया। वहीं दूसरी टीम ने झारखंड के जमशेदपुर स्थित आजादनगर थाना क्षेत्र से अकबर आलम को हिरासत में लिया। बताया गया कि वह अपनी बेटी के ससुराल में छिपा हुआ था। इसके अतिरिक्त स्वप्न साजी और रंजीत घोष को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
चुनावोत्तर हिंसा और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में थी तलाश
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही फरार चल रहे थे। इनके विरुद्ध चुनावोत्तर हिंसा, मारपीट, तोड़फोड़, धमकी तथा अन्य गंभीर मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज है।जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि बाराबनी क्षेत्र में कथित अवैध कोयला, बालू एवं पत्थर के कारोबार से जुड़े मामलों में भी इन आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इन मामलों से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
कोर्ट परिसर में नारेबाजी, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
शुक्रवार को जब पुलिस आरोपियों को आसनसोल जिला न्यायालय लेकर पहुंची, तब न्यायालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक एवं स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। आरोपियों को देखते ही कुछ लोगों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए तथा विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए न्यायालय परिसर और उसके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया।
भाजपा ने बताया ‘जनता की जीत’
भाजपा नेता अभिजीत रॉय ने गिरफ्तारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह बाराबनी की जनता के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से भय और दबाव का माहौल बना हुआ था तथा आम लोग इससे प्रभावित थे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस करेगी गहन पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों से चुनावोत्तर हिंसा, कथित अवैध कारोबार तथा अन्य दर्ज मामलों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इन गिरफ्तारियों के बाद बाराबनी सहित पूरे आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
