
रानीगंज। केंद्र एवं राज्य सरकार की लगभग 54 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रानीगंज के रॉबिन सेन स्टेडियम में 15 से 17 जून तक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने और जानकारी प्राप्त करने पहुंचे, लेकिन व्यवस्थागत कमियों और उचित मार्गदर्शन के अभाव में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शिविर में पहुंचे कई लोगों ने आरोप लगाया कि विभिन्न योजनाओं के लिए बनाए गए काउंटरों और प्रक्रिया संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके कारण लाभार्थियों को बार-बार एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक भटकना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आए लोगों को हुई, जिन्हें भीषण गर्मी के बीच घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा।
स्थिति का जायजा लेने पहुंचे भाजपा नेता रवि केसरी ने शिविर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में सरकार बदल चुकी है और राष्ट्रवादी सरकार का गठन हो चुका है, लेकिन अब भी कई विभागों में ऐसे अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं जो पूरी निष्ठा से कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविर का उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां लोगों को सही जानकारी नहीं मिलने के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रवि केसरी ने कहा कि कई लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद जब अपनी बारी तक पहुंच रहे हैं, तब छोटी-छोटी तकनीकी या दस्तावेज संबंधी कमियों का हवाला देकर उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में निराशा और असंतोष का माहौल है। उन्होंने कहा कि शिविर की वास्तविक स्थिति से वह पार्टी के उच्च नेतृत्व को अवगत कराएंगे ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
वहीं भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष पिंटू बर्मन ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ शिविर में मौजूद रहकर लोगों को विभिन्न योजनाओं के आवेदन पत्र भरने तथा आवश्यक प्रक्रियाओं को समझाने में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविर को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिविर 15 से 17 जून तक आयोजित किया गया था, लेकिन लाभार्थियों की भारी भीड़ और उत्साह को देखते हुए इसे एक दिन और बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। शिविर में पहुंचे एक छात्र विक्रांत ने बताया कि वह स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित कार्य के लिए आए थे, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी कि संबंधित काउंटर कौन-सा है और प्रक्रिया क्या है। इसके कारण उन्हें लगातार इधर-उधर दौड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में बार-बार काउंटर बदलने और लंबा इंतजार करने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है, विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक कठिन साबित हो रही है।
हालांकि शिविर में बड़ी संख्या में लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे, लेकिन अव्यवस्थित व्यवस्था, अपर्याप्त सूचना प्रणाली और लंबी कतारों ने आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उचित मार्गदर्शन, पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए तो ऐसे शिविर वास्तव में आम जनता के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सकते हैं।
