
कोलकाता, 17 जून 2026 — पूर्व रेलवे ने इस मानसून में यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्री-मानसून तैयारियों की घोषणा की है। महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल और ऑपरेटिंग विभागों ने समन्वित रूप से कई निवारक कार्य पूरे कर लिये हैं ताकि बारिश से होने वाले व्यवधानों को रोका जा सके और रेल संचालन निर्बाध बना रहे।
हावड़ा मंडल में ट्रैकसाइड तथा क्रॉस-ट्रैक ड्रेनों की कुल 1,06,839 मीटर में से 1,04,097 मीटर सफाई पूर्ण कर ली गयी है। कॉलोनी ड्रेनों में से 16,446.3 मीटर की सफाई हो चुकी है तथा शेष 315.5 मीटर 20 जून तक पूरा कर लिया जायेगा। सियालदह मंडल ने भी यार्डों में व्यापक सफाई अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया है और संवेदनशील ड्रेन आउटलेट साफ कर जल निकासी सुनिश्चित की है। कई स्थानों पर मजबूत कंक्रीट ड्रेनों का निर्माण भी किया जा रहा है।
सुरक्षा निगरानी के लिए दोनों मंडलों में संवेदनशील स्थलों की पहचान कर 24×7 पेट्रोलिंग व मॉनिटरिंग व्यवस्था सक्रिय की गयी है। हावड़ा में 47 संवेदनशील बैड बैंक स्थलों में से 9 पर पेट्रोलिंग शुरू हो चुकी है और 10 नए सीमित ऊँचाई वाले सबवे (LHS) पर चौबीसों घंटे पेट्रोलमैन तैनात किये गये हैं। 54 LHS पर जीपीएस-ट्रैकिंग उपकरण वाले पेट्रोलमैन 12 जून से 24×7 निगरानी कर रहे हैं। निर्माणाधीन पुल स्थलों पर विशेष पेट्रोलिंग टीम तैनात हैं। सियालदह मंडल ने भी LHS व रोड अंडर ब्रिज (RUB) पर पर्याप्त निकासी व स्टाफ उपलब्ध कराया है।
स्टेशनों व प्लेटफॉर्म शेड यूनिटों का निरीक्षण भी तेजी से पूरा किया गया है। हावड़ा में 195 स्टेशनों और 1,493 प्लेटफॉर्म शेड यूनिटों का निरीक्षण किया गया; चिन्हित 485 संरचनात्मक कमियों में से 338 सुधार कर दिये गये हैं और शेष 147 कमियाँ 30 जून तक ठीक कर दी जाएँगी। सियालदह ने राज्य व जिला प्रशासन के साथ मिलकर रेलवे प्रभावित कार्यों (RAWs) व टैंक्स (RATs) का संयुक्त निरीक्षण कर बाहरी जलभराव जोखिम घटाये हैं।
ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन की विश्वसनीयता व सिग्नल दृश्यता बनाए रखने के लिए व्यापक वृक्ष-छंटाई की गयी। हावड़ा मंडल में 7,627 चिन्हित वृक्षों में से 7,558 की छंटाई पूरी हो चुकी है और शेष 69 मामलों में 20 जून तक कार्य पूरा होगा। सियालदह ने भी प्रमुख यात्री गलियारों में छंटाई कर दी है।
मानसून के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया हेतु स्टोन डस्ट, बोल्डर, बल्लाह समेत आवश्यक रिजर्व सामग्री रखी गयी है। दोनों मंडलों में निचले क्षेत्रों व सबवे में उच्च क्षमता के डी-वॉटरिंग पंप पहले से तैनात हैं। साथ ही डिविजनल मिनी कंट्रोल रूम के माध्यम से इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल व ऑपरेटिंग विभागों के बीच रियल-टाइम समन्वय व्यवस्था स्थापित कर ली गयी है।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझी ने कहा, “हमारी प्री-मानसून तैयारियाँ यात्रियों की सुरक्षा व परिचालन निरंतरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। डेटा-आधारित निगरानी और चौबीसों घंटे सतर्कता के जरिए हम यात्रियों को सुरक्षित, सुगम व भरोसेमंद यात्रा का अनुभव देने के लिए तैयार हैं।”
