
चिरकुंडा/बराकर:मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बुधवार को चिरकुंडा थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। थाना प्रभारी अवर निरीक्षक आशुतोष कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चिरकुंडा क्षेत्र के अखाड़ा संचालकों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के बराकर सदर अखाड़ा के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली।रूट और यातायात व्यवस्था पर बनी सहमतिबैठक में अखाड़ा कमेटियों ने आगामी 23 जून (सप्तमी) से शुरू होकर दशमी तक निकलने वाले ताजिया और जुलूस के पारंपरिक रूटों की जानकारी पुलिस प्रशासन के साथ साझा की। मुहर्रम जुलूस के दौरान आम जनता को परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए रूट डायवर्जन प्लान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।बंगाल से आने वाले अखाड़ों का होगा भव्य स्वागतचिरकुंडा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार ने सीमा पार बंगाल से आने वाले अखाड़ों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा, “बंगाल अखाड़ा के लोग नवमी और दशमी को झारखंड की सीमा में प्रवेश करते हैं। उनका यहां पूरा स्वागत (वेलकम) है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि मुहर्रम आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। बंगाल से झारखंड आने वाले मोहर्रम अखाड़े और ताजिया का स्वागत करना पुलिस व झारखंड की सभी अखाड़ा कमेटियों का सामूहिक कर्तव्य है।प्रशासन पूरी तरह मुस्तैदथाना प्रभारी ने बताया कि सभी अखाड़ा दलों से हर बिंदु पर खुलकर बातचीत हुई है और सभी पक्षों में पूर्ण सहमति बनी है। क्षेत्र में शांति, आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ पर्व मनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। बैठक में दोनों राज्यों के अखाड़ा कमेटियों के दर्जनों पदाधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।
