कोलकाता, 15 जून। कोलकाता की प्रसिद्ध साहित्यिक एवं सृजनशील संस्था बंगीय हिंदी परिषद में मासिक काव्य-गोष्ठी कविकल्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विख्यात कवि चंद्रिका प्रसाद पांडेय ‘अनुरागी’ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कवि दयाशंकर मिश्र और कृष्ण कुमार दूबे उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत शिप्रा मिश्रा की सरस्वती वंदना से हुई। परिषद की उपमंत्री पुष्पा मिश्रा ने स्वागत वक्तव्य में उपस्थित कवियों का स्वागत करते हुए उन्हें परिषद के महत्व से अवगत कराया। अध्यक्षीय वक्तव्य में चंद्रिका प्रसाद पांडेय ‘अनुरागी’ ने समस्त कवियों द्वारा पढ़ी गई कविताओं की सराहना की और कहा कि कविता सरिता के समान नित्य प्रवाहित होकर हमारे मन को स्वच्छ और निर्मल करती है। उपस्थित कवियों में कमल पुरोहित, अय्युब वारसी कोलकतवी, ज़ोया अहमद, सेराज ख़ान ‘बातिश’, जीवन सिंह, रोहन साह, सुधीर राय, अनिरुद्ध पाण्डेय, रामनारायण झा, रवि पारक, शंकर गुप्ता, जावेद बिन अली, अजित शाह, नंदलाल रौशन, नीतु शर्मा, लक्ष्मी जायसवाल, मानस कुमार, धर्म दूबे, जतिब हयाल, अजय पोद्दार, उर्वशी श्रीवास्तव, चंद्रकिशोर चौधरी, शिवम तिवारी, पारस कुंज, कुंदन कुमार तिवारी, सुरेंद्र सिंह, सूरज रजक, विनय जायसवाल, मुज़्तर इफ़्तेखारी, ओम प्रकाश चौबे, बेबी कारफरमा, कमलापति पांडेय ‘निडर’, विजय ‘वत्स’, कृष्णानंद मिश्र, मनोज मिश्र, बीना रजक, रणजीत भारती, शाहिद फरोगी, पुरूषोत्तम चौधरी, नंदू बिहारी, इमरान, तथा मुश्ताक़ ज़ैन उपस्थित थे।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदीप कुमार धानुक ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन परिषद् के उपाध्यक्ष राम पुकार सिंह ‘गाजीपुरी’ ने किया।
