‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल…’


कोलकाता, 8 जून।श्री बिहारीजी मंदिर (पाथुरियाघाट स्ट्रीट) चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिवस यानी रविवार को श्रद्धालु कृष्ण रंग में रंगे नजर आए। कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण झाकियों ने सभी का मन मोह लिया। प्रसंग के दौरान श्रद्धालु ‘नंदलाला प्रकट भये आज, बिरज में लड़ुआ बंटे…’, ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल…’, ‘आना आना रे आना नंदलाल आज हमारे आंगन में’ जैसे भजनों पर झूमते रहे, नंद और यशोदा के लाला की जय के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा। जन्मोत्सव के उपरांत विधिवत कृष्ण पूजन के बाद रबड़ी, मिश्री व खिलौना का वितरण किया गया। इससे पूर्व व्यासपीठ पर आसीन घनश्यामजी व्यास प्रभु भक्ति की महिमा बताते हुए कहा भगवान विष्णु राजा बलि को वामन अवतार में छलने आते हैं। वे राजा बलि से तीन पग जितनी भूमि मांग लेते हैं। राजा बलि के गुरु उनका साक्षात्कार ईश्वर से कराते हुए उन्हें संकल्प लेने से रोकते हैं। राजा बलि के आग्रह पर जब भगवान विष्णु वामन अवतार से अपने विराट स्वरूप में आकर दो ही पैर में संपूर्ण ब्रह्मांड को माप लेते हैं।


राजा की परीक्षा लेते हुए पूछते हैं कि तीसरा पैर कहां रखूं अन्यथा नरक भेज दूं। राजा बलि ने अपने संकल्प की रक्षा करते हुए प्रभु भक्ति में भगवान से अपना तीसरा पैर उन पर रख उन्हें भक्त रूप में स्वीकार करने को कहा। राजा बलि के भक्त प्रेम के आगे स्वयं भगवान हार गए और राजा बलि के महल का द्वारपाल बन उन्हें स्वीकारा। बलि-वामन प्रसंग की संगीतमय प्रस्तुति से श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। ‘भए प्रगट कृपाला दीनदयाला’ प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के साथ कथा के दूसरे पड़ाव का शुभारम्भ हुआ। भगवान श्रीराम के जन्म और उनके जीवन चरित्र का बखान करते हुए कथावाचक व्यासजी ने कहा कि भगवान राम का जीवन चरित्र हमें सिखाता है कि मित्रों के साथ मित्र जैसा, माता-पिता के साथ पुत्र जैसा, सीताजी के साथ पति जैसा, भाइयों के साथ भाई जैसा, सेवकों के साथ स्वामी जैसा, गुरु के साथ शिष्य जैसा व्यवहार कैसे किया जाता है। जो भगवान राम के जीवन चरित्र को अपने जीवन में चरितार्थ करेगा उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। राम राज्य में मनुष्य के अतिरिक्त जीव-जंतु में परपस्पर प्रेम और सद्भाव से रहते थे। इस दौरान राम-जानकी विवाह का प्रसंग भी सुनाया गया।


उन्होंने बताया कि हम जीवन भर किसी न किसी संबधों की डोरी से बंधे हुए रहते हैं, लेकिन यदि भगवान से निकट आना है तो संबधो की डोरी ठाकुरजी के साथ जोड़नी पड़ेगी। उनसे कोई रिश्ता जोड़ लो। जहां जीवन में कमी है, वहीं ठाकुरजी को बैठा दो। वे जरूर उस संबंध को निभाएंगे। विनोद – अलका जालान ने विधिवित चौथे दिन की पूजा कराई। इस मौके पर जोड़ासांको के विधायक विजय ओझा, पत्रकार संजय हरलालका, समाजसेवी अजय पांडेय, चंद्रशेखर बासोतिया, हरि सोनी, प्रवीण गोयल, राजकुमार बागला व दीपक जालान समेत कई जाने-माने लोग उपस्थित थे।

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