समय पर ड्यूटी नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई, सितंबर से कूड़ा फैलाने पर लगेगा जुर्माना : अग्निमित्रा पाल

कोलकाता , 02 जून । कोलकाता दौरे के दौरान मंगलवार को महिला और शिशु कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सरकारी कार्यालयों और नगर निकायों के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन मिलता है, इसलिए सभी को अपने कार्य के प्रति जवाबदेह होना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों सहित सभी कर्मियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचना और पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही फील्ड में कार्य करने वाले निर्मल साथी और अन्य कर्मचारियों की भी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी। कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए जियो-टैगिंग व्यवस्था भी लागू की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे निर्धारित कार्यस्थल पर कार्य कर रहे हैं या नहीं। अग्निमित्रा पाल ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी को अपनी जवाबदेही समझनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य के प्रति लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण और शहरों की स्वच्छता पर जोर देते हुए मंत्री ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरा इधर-उधर न फेंकने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूलों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा दी जा रही है, लेकिन बड़ों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सड़क, बस, वाहन या सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक और अन्य कचरा फेंकना बंद करना होगा।
उन्होंने घोषणा की कि आगामी तीन महीनों तक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा और एक सितंबर से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य सरकार चाहती है कि नागरिक स्वेच्छा से स्वच्छता अभियान में भागीदारी करें और अपने शहर को साफ-सुथरा रखने में सहयोग दें।
मंत्री ने कहा कि घरों से निकलने वाले कचरे को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करके देना होगा। निर्मल साथी भी लोगों को इसके लिए जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कचरे का पृथक्करण नहीं होगा, तब तक वैज्ञानिक तरीके से उसका निपटान संभव नहीं है। देश के कई छोटे-बड़े शहरों में घर-घर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था सफल रही है और पश्चिम बंगाल में भी इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

आदि गंगा और अन्य जल निकासी प्रणालियों की सफाई को लेकर उन्होंने कहा कि पूर्व में ड्रेजिंग और सफाई का कार्य किया गया था तथा नियमित रूप से सफाई अभियान भी चलाया जाता है। हालांकि उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों से ली जाएगी।

उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बंगाल के निर्माण में सभी लोग अपनी भूमिका निभाएं। सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब आम नागरिक भी अपनी जिम्मेदारियों का पालन करेंगे और स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देंगे।

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