
रानीगंज। ईसीएल के कुनुस्तोड़िया क्षेत्र अंतर्गत बांसड़ा कोलियरी के सी-पीट में प्रस्तावित कंटीन्यूअस माइनिंग परियोजना के विरोध में स्थानीय आदिवासी समुदाय ने आंदोलन शुरू कर दिया है। परियोजना को लेकर क्षेत्र में विरोध का स्वर लगातार मुखर होता जा रहा है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक ईसीएल प्रबंधन इस परियोजना को वापस नहीं लेता अथवा रद्द नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोग एकत्र हुए और प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परियोजना के कार्यान्वयन से क्षेत्र के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और जीवन-यापन पर गंभीर असर पड़ सकता है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी नेताओं ने आरोप लगाया कि कंटीन्यूअस माइनिंग शुरू होने से खदान क्षेत्र और उसके आसपास प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाएगा। उनका कहना है कि खनन गतिविधियों से निकलने वाली धूल, धुआं और अन्य पर्यावरणीय प्रभावों के कारण आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका अधिक दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास और औद्योगिक गतिविधियों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी ऐसी परियोजना को स्वीकार नहीं किया जा सकता जो स्थानीय जनता के स्वास्थ्य, पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक जीवन को प्रभावित करे। उनका कहना है कि किसी भी नई परियोजना को लागू करने से पहले स्थानीय लोगों की राय और उनकी चिंताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आंदोलनकारियों ने ईसीएल प्रबंधन से मांग की कि प्रस्तावित कंटीन्यूअस माइनिंग परियोजना के संभावित पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए तथा स्थानीय लोगों के साथ व्यापक स्तर पर चर्चा कर उनकी आशंकाओं का समाधान किया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग भी दोहराई। विरोध-प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में भी गहरी चिंता देखी जा रही है। फिलहाल आंदोलनकारी ईसीएल प्रबंधन के आधिकारिक रुख और आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। वहीं क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रबंधन स्थानीय समुदाय की मांगों और चिंताओं पर क्या निर्णय लेता है।
