
सार्वजनिक उपक्रमों की जमीन खाली कराने की मुहिम तेज, विरोध के बीच चला ध्वस्तीकरण अभियान
दुर्गापुर/आसनसोल। पश्चिम बर्दवान जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में सोमवार को अतिक्रमण के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी) और इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) प्रशासन ने अपनी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की, जिससे इलाके में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
दुर्गापुर के इस्पात नगरी स्थित मार्कोनी एवेन्यू क्षेत्र में डीएसपी की जमीन पर बने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पार्टी कार्यालय को सुरक्षा बलों की निगरानी में ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही कार्रवाई शुरू हुई और कुछ ही देर में पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित निर्माण को लेकर पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया।
इसी अभियान के तहत डीएसपी की टीम महिष्कापुर क्षेत्र में स्थित माकपा (सीपीआईएम) के कार्यालय तक भी पहुंची। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों के साथ बहस हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वहीं बर्नपुर में इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) प्रबंधन ने कंपनी की भूमि पर बने 1963 से संचालित ख्याली क्लब सहित दो क्लबों को हटाने की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित ढांचे कंपनी की जमीन पर अनधिकृत रूप से बने हुए थे और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया गया।
दूसरी ओर, क्लब के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि ख्याली क्लब बीते छह दशकों से क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सामुदायिक गतिविधियों का नियमित आयोजन होता रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि कंपनी की भूमि पर अन्य कई निर्माण मौजूद होने के बावजूद केवल क्लब को हटाना उचित नहीं है। क्लब के ध्वस्तीकरण से क्षेत्र के लोगों में मायूसी और असंतोष का माहौल देखा गया।
गौरतलब है कि सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए इन दिनों व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार की यह कार्रवाई उसी मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
