
छोटी उम्र मे भजन गायिका के रूप में पहचान बना रही हैं
रानीगंज। महज 10 वर्ष की उम्र में अपनी मधुर आवाज और भक्ति संगीत के प्रति समर्पण से रानीगंज की छोटी बालिका दुर्गा नाग आज पूरे क्षेत्र में एक उभरती हुई भजन गायिका के रूप में पहचान बना रही हैं। पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज थाना अंतर्गत राजबाड़ी क्षेत्र के बाबूपाड़ा की रहने वाली दुर्गा अपनी प्रतिभा के दम पर कम उम्र में ही लोगों के दिलों में खास जगह बना चुकी हैं।वर्तमान में रानीगंज के सियारसोल गर्ल्स हाई स्कूल में पांचवीं कक्षा की छात्रा दुर्गा बचपन से ही संगीत के प्रति बेहद आकर्षित रही हैं। खासकर भजन गायन में उनकी विशेष रुचि है। अपनी सुरीली आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति के कारण उनके द्वारा गाए गए कई भजन लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। “आजा मेरी कन्हैया बिन मांझी के सहारे” तथा “तीन बाण के धारी तीन बाण चलाओ ना मात” जैसे भजनों ने क्षेत्र के लोगों को खासा प्रभावित किया है। रानीगंज के बाबा खाटू श्याम मंदिर में जब भी दुर्गा भजन प्रस्तुत करती हैं, वहां श्रद्धालुओं और श्रोताओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। उनकी आवाज में भक्ति और भावनाओं का ऐसा संगम दिखाई देता है कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। मंदिर समिति के सदस्य भी उनकी प्रतिभा की खुलकर सराहना कर रहे हैं। दुर्गा की प्रस्तुति से मंदिर परिसर में एक अलग ही भक्तिमय वातावरण बन जाता है।जानकारी के अनुसार पिछले एक वर्ष के दौरान दुर्गा नाग 100 से अधिक भजन प्रस्तुत कर चुकी हैं। खास बात यह है कि संगीत के साथ-साथ वह अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देती हैं। हालांकि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उनके माता-पिता अपनी बेटी की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।दुर्गा की प्रतिभा से प्रभावित होकर समाज के कई प्रतिष्ठित लोग भी उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। इनमें पवन केजरीवाल, विष्णु सराफ, बिमल सराफ, विनोद बंसल, पप्पू माटलिया, बृजेश अग्रवाल और संदीप शर्मा सहित कई गणमान्य लोग शामिल हैं, जो दुर्गा को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। बहुत जल्द दुर्गा नाग का नया भजन “दो बूंद का खजाना” भी रिलीज होने वाला है। इस भजन को लेकर अभी से क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है और लोग इसकी बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं।दुर्गा के पिता संदीप नाग ने बताया कि उनकी दोनों बेटियों को संगीत से बेहद लगाव है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक समय बाउल गीत गाया करते थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को पूरा नहीं कर सके। अब वह चाहते हैं कि उनकी बेटियां संगीत के क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पहले बाउल गीत गाती थी, लेकिन उसकी प्रतिभा को देखकर उसे बेहतर प्रशिक्षण दिलाया गया। आज उसे लोगों का इतना प्यार और सम्मान मिल रहा है, यह परिवार के लिए गर्व की बात है। कम उम्र में जिस तरह दुर्गा नाग अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं, उससे रानीगंज के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह नन्ही कलाकार बड़े मंचों तक पहुंचेगी और पूरे जिले का नाम रोशन करेगी।
