रानीगंज में बंद पड़े मकान बना चोरों का अड्डा, कई दिनों तक करते रहे चोरी

रानीगंज। रानीगंज के पीएम मालिया रोड क्षेत्र में एक बंद पड़े पुश्तैनी मकान में चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह मकान व्यवसायी सीताराम कटारुका का है, जो कई वर्ष पूर्व अपने परिवार के साथ मुंबई में जाकर बस गए थे। लंबे समय से मकान बंद पड़ा हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने कथित रूप से उसे अपना ठिकाना बना लिया और धीरे-धीरे चोरी की घटना को अंजाम दिया।स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मकान के भीतर से संदिग्ध आवाजें सुनाई दे रही थीं। शुरुआत में लोगों ने इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया, लेकिन लगातार हलचल महसूस होने के बाद आसपास के लोगों को संदेह हुआ। इसके बाद स्थानीय व्यवसायी मनोज केसरी, रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रोहित खेतान तथा भाजपा नेता अजीत केसरी सहित कई लोग मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। वही घटना की सूचना तत्काल रानीगंज थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में मकान के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान घर के कई कमरों का सामान बिखरा हुआ मिला। अलमारियां खुली हुई थीं तथा कमरे पूरी तरह अस्त-व्यस्त दिखाई दिए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घर से कई कीमती सामान चोरी होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चोर केवल चोरी करने के उद्देश्य से एक बार घर में प्रवेश कर फरार नहीं हुए, बल्कि वे कई दिनों तक मकान में रहकर योजनाबद्ध तरीके से सामान पर हाथ साफ करते रहे। लोगों ने आशंका जताई कि पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल रानीगंज थाना पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी कब से मकान में रह रहे थे और कितनी संपत्ति चोरी हुई है। पुलिस क्षेत्र के संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि लंबे समय तक बंद पड़े मकानों की नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा ऐसे मकान अपराधियों के लिए आसान निशाना बन सकते हैं। यह घटना उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी मानी जा रही है, जो अपने घरों को लंबे समय तक बिना देखरेख और सुरक्षा के बंद छोड़ देते हैं।

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