
रवींद्र भवन में गूंजी भक्ति और संस्कृति की स्वर लहरियां
आसनसोल। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से बुधवार की देर शाम आसनसोल के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन में भव्य भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आध्यात्मिकता, संगीत और सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मधुर भजनों की गूंज और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभागार देर रात तक उल्लास और भक्ति के रंग में डूबा रहा। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सभागार में मौजूद लोग भजनों की धुन पर भावविभोर नजर आए। आयोजन स्थल पर श्रद्धा, शांति और उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। इस अवसर पर कृष्णनेदु मुख़र्जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर आयोजकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि यह आयोजन भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम है, जहां लोगों की सहभागिता अत्यंत प्रेरणादायक दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग लंबे समय से समाज, स्वास्थ्य और मानसिक शांति से जुड़े विभिन्न जनकल्याणकारी कार्य करता आ रहा है। विधायक बनने के बाद यह उनका पहला अवसर था जब वे इस आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम लोगों को मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं.अपने संबोधन के दौरान विधायक ने राजनीतिक संकेत देते हुए कहा कि अब समाज में माहौल बदल चुका है और लोग पहले की तुलना में अधिक खुलकर सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद लोगों में खुशी और उत्साह का वातावरण देखने को मिल रहा है। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को मानसिक तनाव से राहत देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आसनसोल के रवींद्र भवन में आयोजित यह भजन संध्या केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरूकता, सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच का संदेश देने वाला आयोजन बनकर उभरा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि शहर में सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। अब लोगों की निगाहें भविष्य में होने वाले ऐसे आयोजनों पर टिकी हैं, जो समाज को एकजुट करने और सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
