
कोलकाता, 12 मई 2026: बंगाल की चिलचिलाती गर्मी में ट्रेन यात्रा अब सहनशक्ति की परीक्षा नहीं रही। 85 वर्षीय ललिता घोष (नाम परिवर्तित) जैसे बुजुर्ग यात्रियों के लिए पूर्व रेलवे ने अप्रैल में एक माह के अभियान में बहुआयामी बदलाव किए हैं। हर हफ्ते 50 किमी दूर चिकित्सा जांच के लिए आने वाली ललिता कहती हैं, “पहले गर्मी से डर लगता था, अब प्लेटफॉर्म पर ठंडी हवा और पानी मिलता है। यात्रा आसान हो गई।”
महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में पूर्व रेलवे ने गर्मी से राहत के लिए 78 नए वाटर कूलर लगाए—6 सियालदह, 6 मालदा और 66 आसनसोल मंडल में। मालदा के राजमहल स्टेशन पर प्लेटफॉर्म पर 4 एयर-सर्कुलेटिंग पंखे, जंगीपुर रोड के एबीएसएस भवन में 5 स्प्लिट एसी लगे। मुंगेर स्टेशन पर 2 एचपी सबमर्सिबल पंप से पीने का पानी सुनिश्चित हुआ। रात के यात्रियों के लिए सियालदह-मालदा के 10 व्यस्त स्टेशनों पर लाइटिंग बेहतर की गई, उखड़ा और न्यू स्टॉक यार्ड में 7 हाई-मास्ट टावर चालू।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर भी फोकस:
सियालदह, आसनसोल, हावड़ा, मालदा, जमालपुर, लिलुआ और कांचरापाड़ा में 2,461 ऊर्जा-कुशल बीएलडीसी फैन बांटे गए। मालदा में 24 और सियालदह में 9 स्टार-रेटेड स्प्लिट एसी लगे। तलझारी, धरहरा, मुंगेर पर नए ट्रांसफॉर्मर, आसनसोल कोचिंग कॉम्प्लेक्स में 3 एलटी पैनल। मालदा में 405 रखरखाव-मुक्त अर्थिंग पॉइंट और 96 स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगे। जगदीशपुर, बेला हॉल्ट, तेलिया का विद्युतीकरण पूरा, बरहरवा, तिलडांगा, मोनिग्राम पर इमरजेंसी इन्वर्टर।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा, “हमारा मिशन ट्रेनें चलाना नहीं, यात्रियों को घर जैसा अनुभव देना है। हर वाटर कूलर, पंखा और लाइट आम आदमी की यात्रा को सुरक्षित व सुखद बनाती है।” ललिता देवी जैसे लाखों यात्रियों के लिए पूर्व रेलवे ने कठिनाई को सम्मानजनक अनुभव में बदल दिया।
