
भंवरलाल मल्लावत सेवा केंद्र ने मनाया 27वां स्थापना दिवस
कोलकाता। भंवरलाल मल्लावत सेवा केन्द्र (अंतर्गत सेवा भारती) ने अपना 27वां स्थापना दिवस मनाया। 42,काली कृष्णा टैगोर स्ट्रीट स्थित संस्था कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर भँवरलाल जी के चित्र पर पुष्प अर्पण किया। डॉ• विजय हरभजनका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की तथा स्वागत भाषण देते हुए संस्था के अध्यक्ष रामगोपाल सूंघा ने कहा कि कर्मयोगी भंवरलाल मल्लावत सेवा के पर्याय थे।
भाग संघचालक श्री ब्रह्मानंद बंग ने अपना वक्तव्य रखते हुए भँवरलाल जी मल्लावत के प्रेरणादायी व्यक्तित्व को नमन किया। उन्होंने कहा कि भंवर जी हम जैसे सैकड़ों कार्यकर्ताओं के निर्माता एवं मार्गदर्शक थे। श्री भागीरथ चांडक ने एक्यूप्रेशर पद्धति से उपचार की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सेवा भाव से किया गया उपचार सफल होता है और सेवा करने वाले को फल भी देता है। महावीर बजाज ने अक्षय तृतीया की महत्ता बताई। संयोजक अरुण प्रकाश मल्लावत ने संचालन किया।
उन्होंने सतत सेवा देने के लिए चिकित्सकों के सेवा भाव की सराहना की। डॉ सुरेश गुप्ता ने सेवा केन्द्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ• प्रदीप अग्रवाल, बंशीधर शर्मा एवं सत्यनारायण मोरीजावाला ने भी अपने विचार रखे।
समापन के पूर्व संस्था के स्थापना काल से जुड़े दिवंगत डॉ• मनमोहन लखाणी एवं डॉ• शरतचंद्र मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की गई एवं उनकी आत्मा की शान्ति के लिये एक मिनट का मौन रखा गया।
ध्यातव्य हो कि सेवा के पर्याय कर्मयोगी भंवर लाल मल्लावत का अल्पायु में ही स्वर्गवास हो गया था। बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे मल्लावत जी संघ के विभिन्न दायित्व निभाने के साथ ही महानगर की अन्य संस्थाओं यथा कलकत्ता पिंजरापोल सोसाइटी, मारवाड़ी रिलीफ सोसाइटी आदि से जुड़कर विभिन्न प्रकार की सेवा गतिविधियों का संचालन करते रहे। उनकी पावन स्मृति में चलने वाले इस सेवा केन्द्र में सू-जोक, क्युप्रेशर एवं एक्यूपंक्चर पद्धति द्वारा रोगियों का निःशुल्क इलाज लगातार किया जा रहा है। इस अवसर पर स्व• जुगल किशोर जैथलिया, सत्यनारायण खरकिया, जगदीश प्रसाद शाह प्रभृति वरिष्ट सामाजिक कार्यकर्ताओं के अवदानो को भी याद किया गया।
कार्यक्रम में श्री अनिल मलावत, संजय रस्तोगी, गोविंद जैथलिया, भागीरथ सारस्वत, तेजबहादुर सिंह, राजकुमार भाला, मनोज काकङा, दीपक कच्छावा, डॉ. रश्मि काजरिया , डॉ• सुनीता राठी, गीता सिन्हा, सरिता जायसवाल, गायत्री बजाज, सीमा सावनसूखा एवं निलांजन चटर्जी प्रभृति सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
