बिधाननगर में मतदाताओं को डराने के आरोप में पूर्व पार्षद गिरफ्तार

कोलकाता, 15 अप्रैल । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बिधाननगर से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद निर्मल दत्ता को मतदाताओं को डराने और प्रभावित करने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह मामला तब सामने आया जब बिधाननगर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शरद्वत मुखर्जी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने बिधाननगर के पुलिस आयुक्त से भी मुलाकात कर निर्मल दत्ता के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को साल्ट लेक में आयोजित एक सभा के दौरान निर्मल दत्ता का एक बयान सामने आया था, जिसमें वे कहते सुने गए, “हमें पता चल जाएगा कि दत्ताबाद इलाके के लोग कौन हैं और वे कहां वोट देते हैं, हमारे पास आधार कार्ड और वोटर कार्ड की जानकारी है।” इसी बयान के बाद भाजपा ने इसे मतदाताओं को धमकाने का प्रयास बताते हुए शिकायत दर्ज कराई।

निर्मल दत्ता की पत्नी भी बिधाननगर नगर निगम के वार्ड संख्या 38 से तृणमूल कांग्रेस की पार्षद हैं। इससे पहले भी दत्ता पर साल्ट लेक के दत्ताबाद इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट के आरोप लग चुके हैं।

गिरफ्तारी के बाद निर्मल दत्ता को बुधवार को बिधाननगर की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इधर, इस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया जाएगा तो उसकी जगह लेने के लिए सौ नेता तैयार हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। बिधाननगर और कोलकाता में मतदान दूसरे चरण में होगा, जबकि चार मई को मतगणना की जाएगी।

 

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